13 राज्यों से 600 से अधिक खिलाड़ी हुए शामिल, शतरंज के मंच पर बिछी युवा प्रतिभाओं की बिसात
हजारीबाग बना राष्ट्रीय शतरंज गतिविधियों का केंद्र
Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग शहर में All India Open FIDE Rating Chess Tournament का तीसरा संस्करण शानदार रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 13 राज्यों से 600 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह प्रतियोगिता हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन के तत्वावधान में शंकरपुर स्थित एंजेल हाई स्कूल परिसर में 11 से 15 मई तक आयोजित की जा रही है।
बच्चों से बुजुर्ग तक, हर आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल
प्रतियोगिता में चार साल की उम्र से लेकर 84 वर्षीय बुजुर्ग तक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कुल 9 राउंड में बंटे इस राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में 300 से अधिक टेबल लगाए गए हैं, जहां हर टेबल पर मुकाबला अत्यधिक रोमांचक और प्रतिस्पर्धी रहा।
डिजिटल तकनीक से नियंत्रित हो रहा है टूर्नामेंट
खेल को अत्याधुनिक डिजिटल घड़ियों के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है और एक अनुभवी तकनीकी टीम प्रत्येक चाल पर बारीकी से निगरानी कर रही है। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था हजारीबाग पुलिस अकादमी द्वारा की गई है, जबकि स्थल तक पहुंचाने के लिए विशेष बस सेवा उपलब्ध कराई गई है।
छोटे शहर से राष्ट्रीय पहचान की ओर
हजारीबाग जैसे छोटे शहर में इतने बड़े स्तर पर इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन खेल और खिलाड़ियों दोनों के लिए गौरव की बात है। प्रतियोगिता निदेशक करण जायसवाल के अनुसार, “यह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि हजारीबाग को राष्ट्रीय शतरंज मानचित्र पर लाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।”
शतरंज में नहीं होती उम्र की सीमा
इस टूर्नामेंट में भाग लेने आए कई अभिभावकों ने बताया कि शतरंज एक ऐसा खेल है, जिसमें उम्र कोई बाधा नहीं होती। यहां पिता-बेटी या मां-बेटा भी एक-दूसरे को चुनौती देते हैं। इस आयोजन ने सभी प्रतिभागियों को एक बेहतरीन अनुभव दिया है, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।
4.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि
प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए कुल ₹4.5 लाख की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। प्रथम स्थान पाने वाले को ₹71,000, द्वितीय को ₹40,000, तृतीय को ₹25,000 तथा अन्य स्थान प्राप्त खिलाड़ियों को भी क्रमशः ₹15,000 से लेकर ₹3,500 तक की राशि दी जाएगी।
निष्कर्ष
All India Open FIDE Rating Chess Tournament का आयोजन हजारीबाग में न केवल खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करता है बल्कि शहर को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी दिलाता है। भविष्य में हजारीबाग ऐसे और भी बड़े आयोजनों का गवाह बन सकता है, जिससे स्थानीय युवा खिलाड़ियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
