चौथे स्मृति दिवस पर सीटू व सीपीआई(एम) नेताओं ने याद किया मजदूरों के संघर्षशील नेता को
सुबोध सिंह के योगदान को किया गया याद
Sindri News: 18 मई 2025: सीपीआई(एम) और ठेका मजदूर यूनियन (सीटू) सिंदरी द्वारा शनिवार को संघर्षशील मजदूर नेता कॉमरेड सुबोध कुमार सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत एक मिनट के मौन के साथ की गई, जिसके बाद उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।
परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
इस मौके पर सबसे पहले कॉमरेड सुबोध सिंह के परिवारजनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी पत्नी और दोनों बेटियों ने चित्र पर फूल अर्पित करते हुए उनकी यादों को साझा किया और उन्हें एक सच्चा मजदूर हितैषी बताया।
सीटू नेता ने उठाई श्रम संहिताओं के खिलाफ आवाज
सीटू नेता काली सेन गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कामरेड सुबोध सिंह का पूरा जीवन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि आज मजदूर आंदोलन संकट के दौर से गुजर रहा है और मोदी सरकार द्वारा 44 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर चार श्रम संहिताएं थोपना मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने बताया कि इन नीतियों के विरोध में सभी केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने 9 जुलाई 2025 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
आंदोलन की मजबूती ही सच्ची श्रद्धांजलि
सभा में यह भी संकल्प लिया गया कि कॉमरेड सुबोध सिंह के अधूरे कार्यों को पूरा किया जाएगा और मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि कामरेड सुबोध सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि मजदूर आंदोलन को और भी अधिक मजबूत किया जाए।
नेताओं व संगठनों की रही उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से सीपीआई(एम) सिंदरी बलियापुर लोकल कमेटी के सचिव विकास कुमार ठाकुर, शाखा-1 सचिव गौतम प्रसाद, ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य उपाध्यक्ष हेमंत जायसवाल, जनवादी महिला समिति सिंदरी नगर अध्यक्ष रानी मिश्रा, सचिव मिठू दास, सीपीआई(एमएल) के नेता सुरेश प्रसाद, राजद नगर अध्यक्ष मुनेश्वर यादव, सुबल चंद्र दास, स्वामीनाथ पांडे, प्रमोद कुमार सिंहा, आरके मिश्रा, शिबू राय, जीतु राय, सुरेंद्र पांडे, आनंद मंडल, प्रफुल्ल कुमार स्वेन और रामलाल महतो समेत कई कार्यकर्ता व समाजसेवी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
सिंदरी में कामरेड सुबोध सिंह श्रद्धांजलि सभा केवल स्मरण का आयोजन नहीं था, बल्कि यह मजदूर हितों की रक्षा और संघर्ष की नई प्रेरणा का मंच बन गया। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि उनके संघर्षों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
