भारतीय एयर डिफेंस की सतर्कता से टली बड़ी तबाही, पंजाब बॉर्डर पर फायरिंग और घुसपैठ की कोशिश भी नाकाम
भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की साजिश को किया नाकाम
भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक बड़ी साजिश को विफल कर देश की सुरक्षा में अपनी मजबूती फिर साबित कर दी है। सेना ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान ने अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल को निशाना बनाकर मिसाइल दागी थी, जिसे भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते नष्ट कर दिया। सेना द्वारा पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल के मलबे को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दुश्मन की नीयत कितनी खतरनाक थी।
पंजाब बॉर्डर पर फायरिंग और घुसपैठ की कोशिश को भी सेना ने किया विफल
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एक भारतीय जवान ने बताया कि 8-9 मई की रात पाकिस्तान की तरफ से अचानक गोलीबारी शुरू की गई और घुसपैठ की कोशिश की गई। सेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए न केवल इस प्रयास को विफल किया बल्कि अपनी जवाबी फायरिंग से दुश्मन को इतनी बड़ी क्षति पहुंचाई कि उन्होंने सुबह होते-होते सफेद झंडा लहराकर आत्मसमर्पण कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर का वीडियो जारी, आसमान से भी किया देश की रक्षा
भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड ने ऑपरेशन सिंदूर का एक और वीडियो जारी किया है, जिसमें यह दिखाया गया है कि कैसे भारतीय बलों ने आसमान से आ रहे पाकिस्तानी ड्रोन को जमीन पर मार गिराया। वीडियो के साथ वेस्टर्न कमांड ने संदेश दिया, “हमने जमीन से आसमान की रक्षा की,” जो भारतीय सेना की सतर्कता और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
शोपियां में सेना और CRPF का संयुक्त अभियान, दो आतंक समर्थक गिरफ्तार
हथियारों के साथ पकड़े गए संदिग्ध, जम्मू-कश्मीर में बड़ा खुलासा
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में भारतीय सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से आतंकियों के दो मददगारों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान इनके पास से दो पिस्तौल, चार ग्रेनेड और 43 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। यह ऑपरेशन आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक अहम सफलता माना जा रहा है।
🧭 निष्कर्ष
भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर देश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती और सटीकता का प्रतीक है। पाकिस्तान की ओर से की गई मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिशों को नाकाम कर भारतीय सेना ने न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे देश को एक बड़े खतरे से बचाया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंक समर्थकों की गिरफ्तारी सुरक्षा बलों की सतर्कता और खुफिया नेटवर्क की दक्षता को दर्शाती है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सेना हर चुनौती से निपटने को तैयार है।
