Dhanbad News: Golden Book of World Records में दर्ज हुआ Hindi Grammar in Verse, अंजना सिन्हा ‘सखी’ का अद्भुत योगदान

Golden Book of World Records में दर्ज हुआ Hindi Grammar in Verse, अंजना सिन्हा 'सखी' का अद्भुत योगदान

Golden Book of World Records में दर्ज हुआ Hindi Grammar in Verse, अंजना सिन्हा 'सखी' का अद्भुत योगदान

Hindi Grammar in Chhand: वृहत् छंदबद्ध हिंदी व्याकरण के ऐतिहासिक विमोचन में अंजना सिन्हा ‘सखी’ को मिला विशेष सम्मान

रायपुर में हुआ भव्य लोकार्पण, साहित्यिक जगत में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज

Dhanbad News: हिंदी भाषा और व्याकरण को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाले ग्रंथ ‘छंदबद्ध वृहत् हिंदी व्याकरण’ का ऐतिहासिक विमोचन रायपुर स्थित वृंदावन सभागार में अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस विश्वस्तरीय परियोजना को Golden Book of World Records में विशेष स्थान मिला है, क्योंकि यह दुनिया का पहला छंदबद्ध हिंदी व्याकरण ग्रंथ है।

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Literary Contribution Recognized: अंजना सिन्हा ‘सखी’ को पाँचवीं बार मिला गोल्डन बुक अवॉर्ड

धनबाद (झारखंड) की लोकप्रिय साहित्यकारा, कवियित्री व मंच संचालिका अंजना सिन्हा ‘सखी’ ने इस ग्रंथ में अपनी रचनात्मक सहभागिता से उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया। उनकी इस अतुलनीय साहित्य साधना के लिए उन्हें पाँचवीं बार ‘Golden Book of World Records’ में शामिल किया गया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। वे के.सी.एन क्लब की उपशाखा “निर्झरिणी” की स्थायी सदस्य भी हैं।

Celebrating Hindi Grammar in Verse: विमोचन समारोह में देशभर से जुटे प्रतिष्ठित साहित्यकार

इस आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पी.सी. लाल यादव ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कवि संगम, छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग, तथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रमुख उपस्थिति में योगेश अग्रवाल, अरुण निगम, रामेश्वर शर्मा, महेश शर्मा, कमल शर्मा, सोनल शर्मा, डॉ. विनय कुमार पाठक, राजकुमार छापड़िया (मुंबई) और माधुरी दुबे (भोपाल) जैसे दिग्गज साहित्यकार शामिल रहे। समारोह का सशक्त संचालन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’ ने किया।

Historic Literary Collaboration: 117 छंदों में 111 रचनाकारों का योगदान

Panini’s Ashtadhyayi और समकालीन हिंदी व्याकरण को एक रचनात्मक छंदबद्ध रूप में प्रस्तुत करती इस महाग्रंथ में 111 लेखकों ने 117 छंदों के माध्यम से अपना योगदान दिया है। इस परियोजना का नेतृत्व व संपादन डॉ. इंद्राणी साहू, डॉ. पद्मा साहू और डॉ. नीरामणि श्रीवास द्वारा किया गया। इसमें छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के साहित्यकारों की सहभागिता रही।

National Appreciation for a Global Contribution: के.सी.एन क्लब और देशभर से मिली शुभकामनाएं

मुंबई से के.सी.एन क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदन मिश्र त्यागी और नई दिल्ली से राष्ट्रीय प्रवक्ता आचार्य संजय सिंह ‘चंदन’ ने अंजना सिन्हा ‘सखी’ को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। देशभर के साहित्यप्रेमियों और स्नेहीजनों ने भी उन्हें बधाई प्रेषित की है।