Indian stock market: भू-राजनीतिक तनाव से हिला निवेशकों का भरोसा, साप्ताहिक बढ़त पर लगा ब्रेक
India-Pakistan tension: Indian Stock Market 2025 में अब तक की सबसे लंबी साप्ताहिक बढ़त इस सप्ताह थम गई, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सीमावर्ती तनावों ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया। सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे प्रमुख सूचकांक भारी उतार-चढ़ाव का शिकार हुए, जिससे पूरे सप्ताह बाजार में गिरावट का माहौल बना रहा।
💥 सीमा पर संघर्ष ने बढ़ाई चिंता
बुधवार को कश्मीर में हुए घातक आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद पाकिस्तान ने पलटवार किया, और दोनों देशों के बीच लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरों ने स्थिति को और जटिल बना दिया। शुक्रवार को भारतीय सेना द्वारा रातभर पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि के बाद बाजार में गिरावट और गहराई।
📊 बाजार विशेषज्ञों की राय: दीर्घकालिक दृष्टिकोण जरूरी
Dezerv के सह-संस्थापक वैभव पोरवाल ने कहा, “भारतीय शेयर बाजार वर्षों से ऐसे हालात में मजबूती से खड़े रहे हैं। मौजूदा गिरावट में भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय बाजार मजबूत मौलिकताओं पर आधारित हैं। जिन निवेशकों के पास अच्छी तरह से विविधीकृत पोर्टफोलियो है, वे इस अस्थिरता को सहजता से पार कर लेंगे।”
🤝 युद्ध नहीं, अब कूटनीति का समय
भारत और पाकिस्तान के बीच “पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम” की घोषणा ने इस संकट में कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता के संकेत दिए हैं। Mehta Equities के एवीपी रिसर्च, प्रशांत तपसी ने कहा, “यह घोषणा निवेशकों की भावना पर सकारात्मक असर डालेगी और वित्तीय बाजार इसे एक बड़े सकारात्मक संकेत के रूप में देखेगा। अगर अगले 24–48 घंटों में कोई नई उकसावे वाली प्रतिक्रिया नहीं आती, तो बाजार मजबूती से प्रतिक्रिया दे सकता है।”
🔍 तकनीकी नजरिया: सोमवार को दिख सकती है रिकवरी
प्रशांत तपसी ने अनुमान जताया कि सोमवार को बाजार 200–300 अंकों की तेजी के साथ खुल सकता है, खासकर अगर हालात स्थिर रहे। हालांकि, मौजूदा अर्निंग सीजन और वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितताओं के चलते अस्थिरता जारी रह सकती है।
तकनीकी रूप से, निफ्टी 24000 के ऊपर बना हुआ है लेकिन 23500 अब महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर बन गया है। इसके नीचे गिरावट तेज हो सकती है, जबकि ऊपर की ओर 24275 और 24401 पर रेजिस्टेंस है। रक्षा और बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी की वापसी संभव है क्योंकि तत्काल भू-राजनीतिक जोखिम कम हुए हैं। साथ ही, व्यापक बाजार भी बीते 2–3 सत्रों की गिरावट से उबर सकते हैं। सभी की निगाहें FII (Foreign Institutional Investors) पर होंगी, जो शुक्रवार को बिकवाली में लौट आए जबकि पिछले दो सप्ताह से लगातार खरीदार बने हुए थे।
📌 निष्कर्ष
Indian Stock Market 2025 ने इस सप्ताह युद्ध जैसे हालात में अस्थिरता का सामना जरूर किया, लेकिन संघर्षविराम की घोषणा और मजबूत आर्थिक बुनियाद के चलते बाजार जल्दी ही पटरी पर लौट सकता है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाएं और अनावश्यक डर से बचें, क्योंकि ऐसा समय सतर्क लेकिन स्थिर रणनीति की मांग करता है।
