ऑपरेशन सिंदूर: Terrorism के खिलाफ India की decisive military success

ऑपरेशन सिंदूर पर राष्ट्रपति को दी गई जानकारी

ऑपरेशन सिंदूर पर राष्ट्रपति को दी गई जानकारी

राष्ट्रपति से लेकर जनता तक, Operation Sindoor की सफलता पर देशभर में उत्साह

ऑपरेशन सिंदूर पर राष्ट्रपति को दी गई जानकारी

ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन की सफलता की जानकारी देने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। बैठक में उन्होंने ऑपरेशन की रणनीति, क्रियान्वयन और परिणामों की विस्तृत जानकारी साझा की। राष्ट्रपति मुर्मू ने सशस्त्र बलों की वीरता, रणनीतिक कौशल और समर्पण की सराहना करते हुए इसे भारत की सुरक्षा और संप्रभुता की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।

Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
WhatsApp Channel Join WhatsApp

तिरंगा यात्रा ने जगाई देशभक्ति की भावना

Operation Sindoor की सफलता के सम्मान में भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जिसने देशभर में देशभक्ति का माहौल और उत्साह पैदा किया है। श्रीनगर से लेकर जामिया मिलिया इस्लामिया तक, हर जगह नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर सेना के पराक्रम को नमन किया। दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों ने एकजुट होकर तिरंगा यात्रा में भाग लिया, जबकि कश्मीर घाटी में भी लोगों ने भारी संख्या में तिरंगा लहराकर सेना को सलामी दी।

ऑपरेशन सिंदूर बना राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक

यह सैन्य अभियान केवल एक रणनीतिक कार्रवाई नहीं था, बल्कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम बन गया है। देश की सीमाओं पर सेना के पराक्रम और देश के भीतर जनता की एकजुटता ने मिलकर इस सफलता को एक राष्ट्रीय उत्सव में बदल दिया है। राष्ट्रपति से लेकर आम नागरिक तक, हर वर्ग ने इस विजय को गर्व और सम्मान के साथ स्वीकार किया है।

निष्कर्ष

Operation Sindoor न केवल भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक समझ का परिचायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब देश की सुरक्षा की बात आती है, तो सरकार, सेना और जनता एकजुट होकर खड़ी होती है। यह सफलता आने वाले समय में आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति और संकल्प का आधार बनेगी।