सफलता की कहानी: अनुराधा सोरेन, जिन्होंने यूपीएससी ESIC परीक्षा में नर्सिंग ऑफिसर बनकर रचा इतिहास

अनुराधा सोरेन, जिन्होंने यूपीएससी ESIC परीक्षा में नर्सिंग ऑफिसर बनकर रचा इतिहास

अनुराधा सोरेन, जिन्होंने यूपीएससी ESIC परीक्षा में नर्सिंग ऑफिसर बनकर रचा इतिहास

वार्ता संभव विशेष साक्षात्कार

🔷 परिचय (Introduction)

सफलता की कहानी: बाघमारा प्रखंड के दरिदा गाँव की बेटी अनुराधा सोरेन ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा आयोजित ESIC नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा में सफलता प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर गाँव का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता पर पूरा क्षेत्र गर्वित है।
वार्ता संभव टीम ने इस प्रेरणादायक सफर पर अनुराधा सोरेन से विशेष बातचीत की। पेश है उनका आत्मीय साक्षात्कार।

Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
WhatsApp Channel Join WhatsApp

🔶 साक्षात्कार (Interview)

प्रश्न 1: अनुराधा जी, सबसे पहले हार्दिक बधाई। इस सफलता को आप किसे समर्पित करना चाहेंगी?

उत्तर: धन्यवाद! मैं इस सफलता को अपने माता-पिता, पति प्रशांत कुमार हेमब्रम और पूरे परिवार को समर्पित करना चाहूंगी, जिन्होंने हर कठिन समय में मेरा साथ दिया और हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाया।

प्रश्न 2: ESIC नर्सिंग ऑफिसर जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी आपने कैसे की?

उत्तर: मैंने रोज़ाना एक तयशुदा समय सारणी बनाई थी। बेसिक नर्सिंग विषयों पर फोकस करते हुए, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट को नियमित अभ्यास में शामिल किया। साथ ही, आत्म-विश्वास को बनाए रखना भी सबसे अहम था।

प्रश्न 3: नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकालना कितना चुनौतीपूर्ण रहा?

उत्तर: बिल्कुल चुनौतीपूर्ण था, लेकिन समय प्रबंधन से सबकुछ संभव होता है। मैंने पढ़ाई के लिए सुबह और रात का समय निर्धारित किया और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पूरा फोकस पढ़ाई पर रखा।

प्रश्न 4: इस सफलता के बाद आप आने वाली पीढ़ियों को क्या संदेश देना चाहेंगी?

उत्तर: मेरा संदेश है – खुद पर भरोसा रखें, लक्ष्य स्पष्ट रखें और निरंतर मेहनत करें। रास्ते में कठिनाइयाँ आएंगी, लेकिन हार नहीं मानना चाहिए। हर लड़की को पढ़ाई का अधिकार है और वह हर मुकाम हासिल कर सकती है।

प्रश्न 5: भविष्य में आपकी क्या योजना है?

उत्तर: फिलहाल मैं अपने कार्य को ईमानदारी से निभाना चाहती हूँ। भविष्य में आगे भी किसी उच्च पद की परीक्षा की तैयारी करूंगी। मैं चाहती हूँ कि मेरी सफलता से ग्रामीण बेटियों को प्रेरणा मिले।

🔷 निष्कर्ष (Conclusion)

अनुराधा सोरेन की यह सफलता न सिर्फ दरिदा गाँव के लिए गर्व की बात है, बल्कि झारखंड की उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। उनका संघर्ष, समर्पण और आत्मविश्वास यह साबित करता है कि साधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन अगर संकल्प मजबूत हो तो मंज़िल दूर नहीं होती।
वार्ता संभव उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है और आशा करता है कि वह समाज और सेवा में एक मिसाल बनेंगी।


🖋️ प्रस्तुतकर्ता:
वार्ता संभव टीम, धनबाद

ये भी पढ़ें…

UPSC Success Story: BDO की पत्नी अनुराधा सोरेन बनीं नर्सिंग ऑफिसर, गांव में खुशी की लहर