झारखंड कांग्रेस ने धनबाद में आयोजित की संविधान बचाओ रैली, प्रदेश अध्यक्ष कमलेश ने की शिरकत
झारखंड में कांग्रेस का जन-जागरण अभियान जारी

Dhanbad News: झारखंड में कांग्रेस पार्टी ने संविधान की रक्षा को लेकर अपने राज्यव्यापी अभियान को और धार देते हुए “संविधान बचाओ अभियान” के तहत विभिन्न जिलों में रैलियों का आयोजन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में धनबाद के निरीक्षण भवन में सोमवार को एक बड़ी संविधान बचाओ रैली आयोजित की गई, जिसमें झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भाग लिया। इस रैली में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की भागीदारी रही, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी इस अभियान को लेकर बेहद गंभीर है।
कर्नाटक अधिवेशन से मिली प्रेरणा, अब हर विधानसभा में होगी रैली

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने अपने संबोधन में कहा कि यह अभियान कांग्रेस के कर्नाटक में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन से प्रेरित है, जहां यह निर्णय लिया गया था कि देशभर में “जय बापू, जय भीम, संविधान बचाओ अभियान” चलाया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि यह रैली झारखंड के सभी जिलों में आयोजित की जा रही है और अगले चरण में राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस अभियान को पहुंचाया जाएगा।
सरना धर्म कोड की मांग के साथ कांग्रेस करेगी राजभवन का घेराव

रैली के मंच से प्रदेश अध्यक्ष ने एलान किया कि 26 मई को कांग्रेस पार्टी रांची स्थित राजभवन का घेराव करेगी। यह प्रदर्शन सरना धर्म कोड की मान्यता की मांग को लेकर होगा। इस अवसर पर राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार से इस कोड को लागू करने की अपील की जाएगी। सरना धर्म कोड आदिवासी समुदाय की पहचान और संस्कृति से जुड़ा हुआ मुद्दा है, जिसे लेकर लंबे समय से मांग उठ रही है।
भाजपा पर तीखा हमला, एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

अपने भाषण के दौरान कमलेश ने भाजपा पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की मूल भावना और उसके सिद्धांतों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है और इसके खिलाफ कांग्रेस पूरे राज्य में जन-जागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की नीतियों के कारण संविधान और लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है।
झारखंड की राजनीति में फिर गरमाया सरना धर्म कोड का मुद्दा
कांग्रेस पार्टी के इस आंदोलन के साथ झारखंड की राजनीति में सरना धर्म कोड का मुद्दा एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में इस विषय पर राज्य भर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कांग्रेस के इस अभियान से आदिवासी वोट बैंक को एकजुट करने की कोशिश के भी संकेत मिल रहे हैं।
निष्कर्ष
संविधान की रक्षा और आदिवासी अधिकारों की मांग पर कांग्रेस आक्रामक
झारखंड में कांग्रेस पार्टी “संविधान बचाओ अभियान” को लेकर बेहद सक्रिय नजर आ रही है। पार्टी न सिर्फ संविधान की रक्षा का संदेश दे रही है, बल्कि सरना धर्म कोड जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी प्रमुखता से उठा रही है। यह अभियान राज्य की राजनीति को नई दिशा देने के साथ-साथ आदिवासी समुदाय को साधने की कोशिश भी दिखाता है। आगामी प्रदर्शन और रैलियों से झारखंड की सियासत में हलचल तेज होने की पूरी संभावना है।
