Dhanbad News: हजारीबाग केंद्रीय कारा में सजायाफ्ता बंदियों से वर्चुअल संवाद, विधिक सहायता को लेकर जागरूकता अभियान

हजारीबाग केंद्रीय कारा में सजायाफ्ता बंदियों से वर्चुअल संवाद

हजारीबाग केंद्रीय कारा में सजायाफ्ता बंदियों से वर्चुअल संवाद

न्यायिक व्यवस्था में पहुंच और सहायता की दिशा में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण पहल

झारखंड में विधिक सहायता के तहत बंदियों से जुड़ने की नई पहल

Dhanbad News: विधिक सेवा प्राधिकरण झारखंड के तत्वावधान में सोमवार को एक सराहनीय और जनहितकारी पहल के तहत हजारीबाग स्थित केंद्रीय कारा में धनबाद जिले के सजायाफ्ता बंदियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया गया। यह संवाद झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), वीरेंद्र कुमार तिवारी के निर्देश पर आयोजित किया गया। संवाद का संचालन अवर न्यायाधीश सह सचिव डालसा मयंक तुषार टोपनो ने किया।

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बंदियों के अधिकार और न्याय प्रक्रिया की जानकारी दी गई

इस वर्चुअल बैठक के दौरान बंदियों से उनके वर्तमान केस, मुकदमे की स्थिति, रखरखाव और न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जिन बंदियों की अपीलें अभी तक उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में दायर नहीं हो सकी हैं, उन्हें मुफ्त विधिक सहायता के तहत आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जिससे वे न्याय पाने के अपने अधिकार से वंचित न रहें।

लंबित मामलों की स्थिति पर मिली जानकारी

संवाद के दौरान यह भी बताया गया कि जिन बंदियों के मामले उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और किस स्तर पर मामला है। इससे बंदियों में पारदर्शिता और विश्वास का भाव उत्पन्न हुआ। यह प्रयास बंदियों को न्याय तक पहुंच दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधिक सहायता टीम की रही सक्रिय भागीदारी

इस संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने में डालसा के सहायक अरुण कुमार, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) के डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल शैलेंद्र झा, सुमन पाठक और सोमित मंडल की विशेष भूमिका रही। इन सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बंदियों को विधिक सहायता की हर संभव जानकारी सुलभ कराई जाए।

निष्कर्ष

न्याय तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करने का सराहनीय प्रयास

विधिक सेवा प्राधिकरण झारखंड द्वारा बंदियों से किया गया यह वर्चुअल संवाद सामाजिक न्याय और विधिक जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। यह न केवल बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी देता है, बल्कि उन्हें न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने में भी सहायक है। ऐसे प्रयास न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और मानवता की भावना को सुदृढ़ करते हैं।