Dhanbad News: सरस्वती विद्या मंदिर, सिनीडीह में मनाई गई अहिल्याबाई होलकर जयंती: देशभक्ति और सम्मान का संगम

सरस्वती विद्या मंदिर, सिनीडीह में मनाई गई अहिल्याबाई होलकर जयंती

सरस्वती विद्या मंदिर, सिनीडीह में मनाई गई अहिल्याबाई होलकर जयंती

Dhanbad News: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और छात्र सम्मान के साथ हुआ आयोजन

Dhanbad News: गरिमामय माहौल में हुआ जयंती समारोह का शुभारंभ

Dhanbad News: सरस्वती विद्या मंदिर, सिनीडीह के प्रांगण में शुक्रवार को महारानी अहिल्याबाई होलकर की जयंती बड़े ही श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्रीमती पिंकी सिंह, प्रधानाचार्य श्री राकेश सिन्हा और वरिष्ठ आचार्या डॉ. निशा तिवारी द्वारा दीप प्रज्वलन और महारानी अहिल्याबाई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस मौके पर विद्यालय परिसर में श्रद्धा, भक्ति और प्रेरणा का वातावरण व्याप्त रहा।

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सांस्कृतिक प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में देशभक्ति की भावना को जागृत करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक प्रभावशाली सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत की गई। सुप्रिया, नूपुर रानी, ज्योति, नियति और मिष्टी द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। बच्चों की सजीव प्रस्तुति ने महारानी अहिल्याबाई के बलिदान और नारी शक्ति को यादगार रूप में जीवंत किया।

अहिल्याबाई के जीवन से मिली प्रेरणा

प्रधानाचार्य श्री राकेश सिन्हा ने अपने उद्बोधन में महारानी अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “लोकमाता अहिल्याबाई न केवल एक सक्षम प्रशासक थीं, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण में उनकी भूमिका आदर्श है। उन्होंने धर्म, सेवा और न्याय के साथ शासन की मिसाल पेश की।” उन्होंने छात्रों से अहिल्याबाई के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

छात्रों की उपलब्धियों को किया गया सम्मानित

इस अवसर पर विद्यालय की टीम को हजारीबाग के कुम्हार टोली में आयोजित 36वीं प्रांतीय खो-खो और कबड्डी प्रतियोगिता में तरुण वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान छात्रों के परिश्रम और समर्पण का प्रतीक बना।

निष्कर्ष

प्रेरणा और उत्साह का संदेश लेकर संपन्न हुआ आयोजन

अहिल्याबाई होलकर जयंती का यह आयोजन न सिर्फ ऐतिहासिक विभूति के प्रति श्रद्धांजलि था, बल्कि छात्रों में देशभक्ति, संस्कृति और अनुशासन का भाव भी जाग्रत करने वाला मंच सिद्ध हुआ। सरस्वती विद्या मंदिर, सिनीडीह ने इस आयोजन के माध्यम से शिक्षण संस्था की सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को एक बार फिर उजागर किया।