New Delhi : सुप्रीम कोर्ट में शामिल हुए तीन नए न्यायाधीश, चीफ जस्टिस बीआर गवई ने दिलाई शपथ

सुप्रीम कोर्ट में शामिल हुए तीन नए न्यायाधीश

सुप्रीम कोर्ट में शामिल हुए तीन नए न्यायाधीश

New Delhi : Supreme Court New Judges Appointment: अंजनिया, बिश्नोई और चंदुरकर की नियुक्ति से अब जजों की संख्या हुई 34

New Delhi : भारत के मुख्य न्यायाधीश ने तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों को दिलाई शपथ

New Delhi : भारत के सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार, 30 मई 2025 को तीन नए न्यायाधीशों की शपथ ग्रहण के साथ न्यायिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने जस्टिस एन वी अंजनिया, जस्टिस विजय बिश्नोई और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में कुल न्यायाधीशों की संख्या अब 34 हो गई है।

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र सरकार की मुहर

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 29 मई 2025 को इन तीनों जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र सरकार ने तत्परता से स्वीकृति प्रदान कर दी थी। इसके बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई और इनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हुई।

न्यायमूर्ति एन वी अंजनिया – कर्नाटक हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस एन वी अंजनिया का जन्म 23 मार्च 1965 को अहमदाबाद में हुआ था। उन्होंने 1989 में यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ, अहमदाबाद से मास्टर डिग्री ली और 1988 से गुजरात हाईकोर्ट में वकालत की शुरुआत की।
उन्हें 21 नवंबर 2011 को गुजरात हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 6 सितंबर 2012 को स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। उन्होंने 25 फरवरी 2024 को कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। सुप्रीम कोर्ट में उनका कार्यकाल 23 मार्च 2030 तक रहेगा।

न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई – गुवाहाटी हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश

26 मार्च 1964 को जोधपुर में जन्मे जस्टिस विजय बिश्नोई ने 1989 में वकालत शुरू की। 8 जनवरी 2013 को राजस्थान हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश और 7 जनवरी 2015 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए गए।
5 फरवरी 2024 को उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। सुप्रीम कोर्ट में उनका कार्यकाल 25 मार्च 2029 तक रहेगा।

न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुरकर – बॉम्बे हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक

7 अप्रैल 1965 को जन्मे जस्टिस एएस चंदुरकर ने 21 जुलाई 1988 को वकालत शुरू की। वे 1992 से नियमित रूप से अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे थे और बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। सुप्रीम कोर्ट में उनका कार्यकाल 7 अप्रैल 2030 तक होगा।

निष्कर्ष

Supreme Court New Judges Appointment न केवल न्यायिक व्यवस्था को मज़बूत करता है, बल्कि इससे देश की सर्वोच्च अदालत में लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी तेज़ होगी। अंजनिया, बिश्नोई और चंदुरकर जैसे अनुभवी न्यायाधीशों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट को और अधिक प्रभावी तथा जनविश्वासी बनाने की दिशा में अहम कदम है।