Abbas Ansari Disqualified from UP Assembly: आपराधिक सजा के चलते विधानसभा से बाहर

आपराधिक सजा के चलते विधानसभा से बाहर

आपराधिक सजा के चलते विधानसभा से बाहर

गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता खत्म

Abbas Ansari Disqualified from UP Assembly: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां माफिया से राजनेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी (Abbas Ansari), जो सुभासपा के विधायक थे, को यूपी विधानसभा से अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया गया है। यह फैसला अब्बास अंसारी को एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद लिया गया। निर्वाचन आयोग द्वारा की गई औपचारिक सूचना के बाद यह सदस्यता रद्द की गई।

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अपराधी साबित होने के बाद संविधान के तहत कार्रवाई

अब्बास अंसारी को हाल ही में कोर्ट ने एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराया था, जिसके तहत उन्हें दो साल से अधिक की सजा सुनाई गई। भारतीय संविधान की धारा 8 (3) के तहत, यदि कोई विधायक या सांसद दो वर्ष या उससे अधिक की सजा पाए, तो उसकी सदस्यता स्वत: समाप्त मानी जाती है। इसी आधार पर यूपी विधानसभा सचिवालय ने अब्बास की विधायकी को समाप्त कर दिया।

मऊ से विधायक थे अब्बास, अब खाली हुई सीट

अब्बास अंसारी मऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उनकी सदस्यता खत्म होने के बाद यह सीट अब रिक्त हो गई है, जिससे निकट भविष्य में यहां उपचुनाव की संभावना बन गई है। अब देखना होगा कि सुभासपा इस सीट पर किसे उम्मीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारती है।

अंसारी परिवार पर लगातार बढ़ रहा दबाव

मुख्तार अंसारी और उनके परिवार पर पिछले कुछ वर्षों से प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मुख्तार पहले से ही कई गंभीर मामलों में जेल में बंद हैं, वहीं अब उनके बेटे अब्बास की सदस्यता रद्द होना अंसारी परिवार के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।

निष्कर्ष: आपराधिक पृष्ठभूमि वाले जनप्रतिनिधियों पर सख्ती

Abbas Ansari की अयोग्यता यह संकेत देती है कि अब आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं पर कानून का शिकंजा पहले से ज्यादा मजबूत होता जा रहा है। निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका की यह संयुक्त कार्रवाई लोकतंत्र की स्वच्छता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।