पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी की 80वीं जयंती पर निकाली गई सद्भावना यात्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया यात्रा का नेतृत्व
देश के भविष्य की कल्पना के लिए स्व. राजीव गांधी ने की थी कंप्यूटराइजेशन की शुरुआत: जिलाध्यक्ष संतोष सिंह धनबाद/झारखंड:…
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फोटोग्राफी का इतिहास अत्यंत समृद्ध और रोमांचक है। यह यात्रा 19वीं सदी की शुरुआत में शुरू हुई, जब जोसेफ नाइसफोर नीप्स ने 1826 में दुनिया की पहली फोटोग्राफ बनाई। इसे “हेलीओग्राफ” कहा गया और इसे एक धातु की प्लेट पर केमिकल प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया गया था।
फोटोग्राफी का इतिहास बहुत पुराना है और इसकी शुरुआत 19वीं शताब्दी में हुई थी। पहली तस्वीर खींचने का श्रेय जोसेफ नाइसफोर नीप्स को जाता है, जिन्होंने 1826 में दुनिया की सबसे पुरानी स्थायी फोटोग्राफ बनाई थी। इस तस्वीर को “व्यू फ्रॉम द विंडो एट ले ग्रास” कहा जाता है। इसके बाद, फोटोग्राफी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण खोजें और आविष्कार हुए, जिन्होंने इस कला को और भी विकसित किया।
सुरक्षा पर्व का महत्व उस समय के समाज में अत्यंत बड़ा था। इस पर्व के माध्यम से लोग एक दूसरे के साथ जुड़ते थे और एक दूसरे की सुरक्षा का जिम्मा उठाते थे। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना था।
इतिहास के पन्नों में रक्षाबंधन का एक और त्योहार था, जो आज के समय में पूरी तरह से गुम हो गया है। इस त्योहार को “सुरक्षा पर्व” कहा जाता था, जिसमें एक समुदाय के लोग एक दूसरे की रक्षा का वचन देते थे। यह त्योहार उस समय मनाया जाता था, जब समाज में बाहरी खतरों का सामना करना पड़ता था। हालांकि, समय के साथ इस त्योहार का महत्व घटता गया और आज इसे बहुत ही कम लोग जानते हैं।
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