Dara Singh The Lion of Punjab: रिंग का वो योद्धा, जिसने विश्व को भारतीय ताकत दिखाई
Dara Singh Death Anniversary: भारतीय कुश्ती के इतिहास में अगर किसी नाम का सबसे अधिक सम्मान से उल्लेख होता है, तो वह है दारा सिंह। ‘पंजाब का शेर’ कहे जाने वाले इस महान पहलवान ने न केवल रेसलिंग रिंग में अपनी ताकत का लोहा मनवाया, बल्कि भारतीय सिनेमा और राजनीति में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनका सबसे चर्चित मुकाबला था 200 किलो वजनी रेसलर किंग कॉन्ग के खिलाफ, जिसमें उन्होंने अपने कौशल और ताकत से विश्व को चौंका दिया।
कुश्ती की दुनिया में भारत का परचम
दारा सिंह का जन्म 19 नवंबर 1928 को पंजाब में हुआ था। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए दारा सिंह ने बेहद कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन के बल पर कुश्ती की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई। वे भारत के पहले ऐसे पहलवान बने, जिन्हें वर्ल्ड चैंपियन का खिताब प्राप्त हुआ।
200 किलो के किंग कॉन्ग को धूल चटाई
उनकी सबसे प्रसिद्ध लड़ाई ऑस्ट्रेलियाई रेसलर किंग कॉन्ग के साथ थी। जहां उन्होंने 200 किलो वजनी रेसलर को न केवल उठाया, बल्कि उसे चारों ओर घुमाकर रिंग पर पटक दिया। यह मुकाबला आज भी रेसलिंग की दुनिया में ऐतिहासिक माना जाता है।
फिल्मों में भी दिखाई दम
दारा सिंह ने हिंदी फिल्मों में भी अपने अभिनय से लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने हनुमान के किरदार में अद्वितीय छवि बनाई और 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
राज्यसभा सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता
वे राजनीति में भी सक्रिय रहे और राज्यसभा के लिए नामित हुए। समाज सेवा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनकी भूमिका सराहनीय रही।
निष्कर्ष:
दारा सिंह न केवल भारत के महान पहलवान थे, बल्कि वे भारतीय आत्मबल, अनुशासन और प्रेरणा के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी जीवनगाथा आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
