स्वच्छता, सतर्कता और सहभागिता से डेंगू पर नियंत्रण का आह्वान
राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर मेगा सेमिनार का आयोजन

Dengue Awareness Program: झरिया में National Dengue Day Awareness Program के तहत शुक्रवार को कार्मेल स्कूल डिगवाडीह में एक मेगा सेमिनार सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन झरिया सह जोरापोखर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की NVBDCP टीम और झरिया रिसोर्स सेंटर द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डेंगू से बचाव, इसके लक्षण और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डालना था।
डेंगू दिवस क्यों जरूरी?
रिसोर्स टीचर अखलाक अहमद ने बताया कि हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है ताकि डेंगू के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जा सके। बदलते जलवायु, अनियमित वर्षा और तेज शहरीकरण के चलते डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में समय रहते सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
डेंगू कैसे फैलता है और इसके लक्षण
NVBDCP के डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि डेंगू एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन में विशेषकर सुबह और शाम को काटता है।
डेंगू के सामान्य लक्षण: तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, स्किन रैश और थकावट।
गंभीर डेंगू के लक्षण: प्लेटलेट्स की गिरावट, अत्यधिक रक्तस्राव, ब्लड प्रेशर में गिरावट और अंगों का काम करना बंद होना।
डेंगू से बचाव के उपाय
कार्यक्रम में बताया गया कि डेंगू से बचाव के लिए ये कदम जरूरी हैं:
- आसपास जलजमाव न होने देना
- कूलर, टायर और बर्तन जैसे कंटेनरों को उल्टा करके रखना
- पूरी बांह के कपड़े पहनना
- मच्छरदानी और रिपेलेंट का प्रयोग
- हफ्ते में एक दिन “ड्राई डे” मनाना
धनबाद स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
धनबाद स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू रोकथाम के लिए कई पहल शुरू की हैं:
- ELISA टेस्ट किट द्वारा बेहतर जांच सुविधा
- सर्विलांस टीम द्वारा नियमित निगरानी
- स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग
- स्कूलों और पंचायतों में जागरूकता अभियान
2025 की थीम और उद्देश्य
National Dengue Day 2025 की थीम थी:
“जल्दी कार्रवाई करें, डेंगू रोकें: स्वच्छ वातावरण, स्वस्थ जीवन”
इसका मकसद था:
- शुरुआती लक्षण पहचानना
- गंदगी हटाकर मच्छरों को रोकना
- सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाना
- स्वच्छता को आदत बनाना
मानसून से पहले की तैयारी
बरूण कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम मानसून से पहले की सतर्कता के रूप में मनाया जाता है, ताकि लोग समय रहते सावधानी बरत सकें। उन्होंने कहा कि समुदाय में भागीदारी, नियमित सफाई और समय पर इलाज से डेंगू को पूरी तरह रोका जा सकता है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
निष्कर्ष
National Dengue Day Awareness Program ने छात्राओं और शिक्षकों को न केवल डेंगू के बारे में विस्तार से जानकारी दी, बल्कि उन्हें बीमारी के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी दिया। इस प्रकार के प्रयास समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
