Dhanbad News: बुद्ध पूर्णिमा पर हाड़ी जाति समाज सुधार समिति ने श्रद्धा और उत्साह के साथ किया आयोजन

बुद्ध पूर्णिमा पर हाड़ी जाति समाज सुधार समिति ने श्रद्धा और उत्साह के साथ किया आयोजन

बुद्ध पूर्णिमा पर हाड़ी जाति समाज सुधार समिति ने श्रद्धा और उत्साह के साथ किया आयोजन

Dhanbad News: विशेष आयोजन में भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का हुआ स्मरण

Dhanbad News: भगवान बुद्ध की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की गई पूजा-अर्चना

Dhanbad News: धनबाद में स्थित सामाजिक संस्था हाड़ी जाति समाज सुधार समिति ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विशेष आयोजन कर भगवान बुद्ध को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। गोल्फ ग्राउंड के समीप समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान बुद्ध की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर उनकी शिक्षाओं को नमन किया। पूरे आयोजन में शांतिपूर्ण वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया।

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बौद्ध धर्म में बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व

हर वर्ष वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाई जाने वाली बुद्ध पूर्णिमा को बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, उन्हें ज्ञान की प्राप्ति और मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसी कारण इस दिन को तीन गुना पवित्र माना जाता है। बौद्ध अनुयायी इस दिन को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हैं।

बोधगया में होता है भव्य आयोजन

इस पावन अवसर पर बिहार के बोधगया में लाखों बौद्ध श्रद्धालु देश-विदेश से एकत्र होते हैं। बोधिवृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, और वहीं हर वर्ष भव्य आयोजन होता है। रात भर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और विचारों का पाठ किया जाता है, जो श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति प्रदान करता है।

समाज सुधार समिति के पदाधिकारियों ने निभाई सक्रिय भूमिका

इस अवसर पर समिति के जिला अध्यक्ष किशोर हाड़ी, कार्यकारी अध्यक्ष कार्तिक हाड़ी, महासचिव बुचू हाड़ी, सूचना मंत्री रंजीत हाड़ी, अजीत राम, के अंसारी, युवा समिति के जिला रक्षा मंत्री बीरेंद्र हाड़ी, संगठन सचिव भरत हाड़ी और दिलीप हाड़ी ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी पदाधिकारियों ने बुद्ध के जीवन और उनके सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता और शांति का संदेश दिया।

निष्कर्ष

बुद्ध पूर्णिमा का यह आयोजन हाड़ी जाति समाज सुधार समिति द्वारा समाज में बौद्ध विचारधारा के प्रचार-प्रसार और सामूहिक चेतना के जागरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इस तरह के आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना होती है और शांति, करुणा व ज्ञान की भावना को बल मिलता है।