Dhanbad News: धनबाद मोदीडीह में पांच मकानों की छतें-दीवारें गिरीं, लोग बाल-बाल बचे

धनबाद मोदीडीह में पांच मकानों की छतें-दीवारें गिरीं

धनबाद मोदीडीह में पांच मकानों की छतें-दीवारें गिरीं

तेज कंपन से दहशत में आए तेतुलमुड़ी कॉलोनी के लोग, बिना पूर्व सूचना के की गई ब्लास्टिंग पर जताया विरोध

हिलटॉप राइजिंग पैच में दोपहर की ब्लास्टिंग ने मचाया कोहराम

Dhanbad News: हैवी ब्लास्टिंग से नुकसान की एक और चौंकाने वाली घटना शनिवार को मोदीडीह कोलियरी स्थित हिलटॉप राइजिंग आउटसोर्सिंग पैच में सामने आई। दोपहर करीब 2:30 बजे की गई तेज़ ब्लास्टिंग के बाद तेतुलमुड़ी छह/दस कॉलोनी के पांच मकानों की छतें और दीवारें गिर गईं। घरों के अंदर रखा कीमती सामान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि लोग किसी तरह बाल-बाल बच गए।

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पांच परिवारों का जीवन संकट में आया

प्रभावित परिवारों में हेमराज भुइयां, प्रमिला देवी, राहुल कुमार, कुंदन कुमार सिंह और विजय भुइयां शामिल हैं। ब्लास्टिंग की वजह से उनके मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गईं, छतों का प्लास्टर गिर पड़ा और घर के अंदर रखा टीवी, बर्तन, अनाज समेत अन्य आवश्यक वस्तुएं टूट-फूट गईं। सौभाग्यवश, घटना के वक्त अधिकांश लोग घरों से बाहर थे, जिससे जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई।

गांव में तनाव, अधिकारी नदारद

घटना के तुरंत बाद नाराज़ ग्रामीण परियोजना कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर सीआईएसएफ जवानों की तैनाती करनी पड़ी। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि यह ब्लास्टिंग बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिससे वे समय रहते सतर्क नहीं हो सके।

बिना अनुमति और सुरक्षा के क्यों की गई ब्लास्टिंग?

ग्रामीणों ने कोलियरी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि रिहायशी इलाके के पास इतनी तेज़ ब्लास्टिंग आखिर किस अनुमति के तहत की गई और सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था थी? यह घटना न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली है, बल्कि भविष्य में बड़ी दुर्घटना का संकेत भी देती है।

निष्कर्ष

हैवी ब्लास्टिंग से नुकसान की यह घटना कोलियरी क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को उजागर करती है। तेतुलमुड़ी जैसे घनी आबादी वाले इलाके में बिना सूचना के भारी विस्फोट करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की जान जोखिम में डालने जैसा भी है। पीड़ितों को मुआवज़ा देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठती जा रही है।