HACKATRON 2025 in BIT Sindri: बीआईटी सिंदरी में नवाचार और तकनीकी प्रतिभा का दिखा संगम

बीआईटी सिंदरी में नवाचार और तकनीकी प्रतिभा का संगम

बीआईटी सिंदरी में नवाचार और तकनीकी प्रतिभा का संगम

HACKATRON 2025 in BIT Sindri: ‘Hack the Future’ थीम पर आधारित 36 घंटे की कोडिंग मैराथन में प्रतिभागियों ने AI, ब्लॉकचेन और वेब डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में पेश किए शानदार प्रोजेक्ट

HACKATRON 2025 in BIT Sindri: बीआईटी सिंदरी में चल रहे बहुप्रतीक्षित HACKATRON 2025 BIT Sindri के दूसरे दिन तकनीकी नवाचार और रचनात्मकता की बौछार देखने को मिली। ‘Hack the Future’ थीम पर आधारित इस 36 घंटे के कोडिंग मैराथन में देशभर के प्रतिभागियों ने Artificial Intelligence (AI/ML), Blockchain, Web और Android Development जैसे अत्याधुनिक विषयों पर केंद्रित समाधान प्रस्तुत किए। पूरे आयोजन स्थल पर एक सृजनात्मक और सहयोगी माहौल बना रहा।

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प्रतिभागियों ने दिखाया नवाचार का दम, समाधान खोजने में झोंकी पूरी ताकत

HACKATRON 2025 में हर टीम ने समस्या समाधान की दिशा में अनूठे और व्यावहारिक विचारों पर कार्य किया। प्रतिभागियों ने अपने प्रोजेक्ट्स को बेहतर बनाने के लिए वर्कशॉप्स, मेंटरशिप सेशन्स और तकनीकी मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाया। समय के साथ उनके उत्साह और प्रतिस्पर्धा में वृद्धि देखी गई, और जैसे-जैसे अंतिम प्रस्तुति का समय नजदीक आया, माहौल और भी जोशीला हो गया।

कुलपति और निदेशक ने दिया प्रेरणादायक संदेश

झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (JUT) के कुलपति डॉ. डी. के. सिंह और बीआईटी सिंदरी के निदेशक डॉ. पंकज राय ने अपने संबोधन में नवाचार को तकनीकी युग की जरूरत बताया। उन्होंने छात्रों को ‘Hack the Future’ की भावना से समस्या-समाधान आधारित सोच को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

उद्योग सहयोग और कौशल विकास पर रहा फोकस

सीडीसी अध्यक्ष घनश्याम सर ने छात्रों को इंडस्ट्री-एकेडमिया साझेदारी के महत्व को समझाया और बताया कि कैसे ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।

आयोजन संचालन और तकनीकी मार्गदर्शन में रहा फैकल्टी का विशेष योगदान

कार्यक्रम के संयोजक और कंप्यूटर साइंस व आईटी विभागाध्यक्ष डॉ. एस. सी. दत्ता एवं सह-संयोजक प्रो. मोहम्मद अकरम खान ने तकनीकी संचालन और प्रतिभागियों के मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाई। साथ ही विकास कुमार सिंह, विजय बेसरा, सचिन अग्रवाल, जितेंद्र कुमार, खुसतार अंसारी और मुकेश चंद्रा ने भी लगातार टीमों को तकनीकी सुझाव और सहायता दी।

निर्णायकों ने की गहन समीक्षा

निर्णायक मंडल में शामिल रहे श्री संतोष घोष (DIO, जामताड़ा), श्रीमती सालेहा खान (Accenture), डॉ. दिनेश प्रभाकर (NIAMT, रांची) और डॉ. एस. सी. दत्ता ने सभी प्रोजेक्ट्स का निष्पक्ष मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों को उपयोगी सुझाव दिए।

प्रायोजकों का विशेष सहयोग

इस सफल आयोजन के पीछे प्रमुख प्रायोजकों का योगदान रहा, जिनमें BITSA इंटरनेशनल, CCL, MAYA Data Privacy, Devtown, अमूल, TechNix इंडिया, Devfolio, ETHIndia और GeekRoom प्रमुख रहे। इन संस्थाओं ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निष्कर्ष

HACKATRON 2025 BIT Sindri ने यह सिद्ध कर दिया कि युवा प्रतिभाओं में नवाचार और तकनीकी समाधान खोजने की जबरदस्त क्षमता है। यह हैकथॉन न केवल तकनीकी शिक्षा को व्यवहारिक दिशा में ले गया, बल्कि AI, Blockchain, और Web Technology जैसे आधुनिक क्षेत्रों में विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को भी निखारा। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी तकनीकी सोच को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रेरणादायी साबित होगा।