झालसा के निर्देश पर DLSA धनबाद ने आयोजित किया मेगा जागरूकता कार्यक्रम
कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में अहम पहल
Katras News: बाघमारा प्रखंड मुख्यालय के सभागार में सोमवार को एक मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी सहायता के प्रति जागरूकता फैलाना और समाज के कमजोर वर्गों को उनका अधिकार दिलाना रहा। यह आयोजन झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), धनबाद के तत्वावधान में संपन्न हुआ।
न्यायिक पदाधिकारी ने किया मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रथम श्रेणी न्यायिक पदाधिकारी सुरेश उराँव ने अपने संबोधन में कहा कि कानूनी सहायता सभी का अधिकार है और इसका लाभ विशेष रूप से उन लोगों को मिलना चाहिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटना, बाल श्रम और बाल विवाह जैसे संवेदनशील मुद्दों पर मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध है और इसके लिए सरकार अधिवक्ता भी उपलब्ध कराती है।
ग्रामीणों को दी गई उपयोगी योजनाओं की जानकारी
एलएडीसीएफ पैनल अधिवक्ता कन्हैया लाल ठाकुर ने कार्यक्रम में बताया कि अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के लिए स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रति माह ₹4000 की सहायता दी जाती है। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी कि वे किसी भी कानूनी सहायता के लिए DLSA धनबाद से संपर्क कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 15100 पर कॉल कर सकते हैं।
दिव्यांगजनों को मिला सहारा
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और अन्य उपयोगी परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को जानकारी दी कि वे समाज के अन्य जरूरतमंदों तक भी इस जानकारी को पहुँचाएँ, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
जनप्रतिनिधियों और PLVs की रही भागीदारी
इस अवसर पर बाघमारा प्रखंड प्रमुख गीता देवी, बीडीओ लक्ष्मण यादव, और क्षेत्रीय PLVs जैसे मोनू यादव (बाघमारा), चंदन गुप्ता (केंदुवाडीह), राजू साव (बरोरा), विवेक मिश्रा (मधुबन), गोपाल महतो (महूदा), विपिन कुमार (जोगता) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना की और इसे एक सराहनीय प्रयास बताया।
निष्कर्ष
बाघमारा लीगल एंपावरमेंट कैंप के माध्यम से न केवल ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई बल्कि न्यायिक व्यवस्था से जोड़ने की ठोस पहल भी की गई। ऐसे कैंप भविष्य में भी होते रहे, तो यह समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकते हैं।
