Katras News: शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए शहीद भगत सिंह चौक पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा की अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद राजा ने की, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के योगदान और उनके बलिदान पर विस्तृत चर्चा हुई।
शहीदों के विचार आज भी प्रासंगिक: डॉ. मृणाल
सभा को संबोधित करते हुए जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. मृणाल ने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने शहीदों की माताओं के त्याग को नमन करते हुए कहा कि आज देश गंभीर संकटों से जूझ रहा है, जैसे गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था और किसानों का आंदोलन। उन्होंने कहा कि मजदूरों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, वहीं संवैधानिक अधिकारों पर भी संकट गहराता जा रहा है।
डॉ. मृणाल ने यह भी कहा कि देश में साम्प्रदायिक तनाव, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार और शांति व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बल दिया कि इन समस्याओं का समाधान केवल भगत सिंह के विचारों और एक शोषणमुक्त समाज की स्थापना में ही निहित है।
समाजसेवियों और राजनीतिक नेताओं ने रखे अपने विचार
सभा में अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह, मातादीन अग्रवाल, झामुमो नेता कंचन महतो, समाजसेवी प्रभात राय, अधिवक्ता अमित भगत, टींकू सिंह, सचिदानंद कुमार, पूर्व मुखिया सुरेश कुमार महतो, निरंजन महतो, शिक्षक माणिक महतो, राजू खान और बिंदुल लहरी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार रखे। सभी ने शहीदों के संघर्ष से प्रेरणा लेने और उनके विचारों को अपनाने पर बल दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति के जरिए दी गई श्रद्धांजलि
सभा के दौरान इप्टा के विष्णु कुमार, मो. नासिर खान, बिनोद कुमार, राजा चक्रवर्ती, धर्मजी और अर्जुन के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें देशभक्ति गीतों और नाटकों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
सैकड़ों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
सभा में झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य नकुल महतो, जिला संयोजक मंडल के सदस्य मनोज रवानी, झामुमो पूर्व प्रखंड सचिव रंजीत महतो, उत्तम महतो, दिनेश महतो, रुपेश महतो, संदीप कुमार, सोनू राय, मो. असलम, परवीन लाला सहित सैकड़ों लोगों ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीदों के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता
यह सभा शहीदों के बलिदान और उनके विचारों को पुनः स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनी। वक्ताओं ने समाज में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए भगत सिंह के विचारों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। सभा में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित में एकता और समर्पण की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
