Mohan Bhagwat on Freedom Struggle: “देश को मिली आज़ादी सभी का सामूहिक प्रयास, किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं”

"देश को मिली आज़ादी सभी का सामूहिक प्रयास, किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं"

"देश को मिली आज़ादी सभी का सामूहिक प्रयास, किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं"

RSS Chief Mohan Bhagwat Statement on Independence Struggle | मोहन भागवत का बयान स्वतंत्रता संग्राम पर

आज़ादी पर नया दृष्टिकोण: भागवत का विचारशील संदेश

Mohan Bhagwat on Freedom Struggle: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हाल ही में एक कार्यक्रम में भारत की आज़ादी को लेकर बड़ा और विचारोत्तेजक बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश को मिली आज़ादी किसी एक व्यक्ति या संगठन की उपलब्धि नहीं थी, बल्कि यह सभी भारतीयों के सामूहिक संघर्ष, बलिदान और योगदान का परिणाम है।

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“हर भारतीय की भूमिका थी स्वतंत्रता संग्राम में”

अपने वक्तव्य में मोहन भागवत ने कहा,
“हमारी आज़ादी अनेक ज्ञात और अज्ञात सेनानियों की तपस्या, संघर्ष और त्याग की उपज है। इसे केवल एक नेता, एक पार्टी या एक विचारधारा से नहीं जोड़ा जा सकता।”
उन्होंने यह भी कहा कि हमें सभी योगदानकर्ताओं को समान रूप से स्मरण और सम्मान देना चाहिए, चाहे वे किसी भी क्षेत्र, जाति या मत से संबंधित क्यों न हों।

भागवत ने किया इतिहास को समग्र रूप से समझने का आग्रह

भागवत ने यह भी उल्लेख किया कि स्वतंत्रता संग्राम की गाथा को संपूर्ण परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास को सिर्फ किताबों में सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारें और उन मूल्यों को अपनाएं जिनके लिए हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिया।

राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता का संदेश

इस बयान को कई राजनीतिक दृष्टिकोणों से देखा जा रहा है, लेकिन भागवत ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता और आत्मगौरव को सशक्त करना है। उन्होंने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए ज़रूरी है कि हम अपने इतिहास को सही दृष्टिकोण से जानें और सबका योगदान स्वीकार करें।

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