Nationwide Trade Union Strike: देशव्यापी हड़ताल का धनबाद में दिखा व्यापक असर, एलआईसी कार्यालयों में रही पूरी तालाबंदी

देशव्यापी हड़ताल का धनबाद में दिखा व्यापक असर

देशव्यापी हड़ताल का धनबाद में दिखा व्यापक असर

Dhanbad LIC Strike Update: ट्रेड यूनियनों और अखिल भारतीय संघों की हड़ताल में बीमा कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी, रणधीर वर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन

धनबाद:

Nationwide Trade Union Strike: 9 जुलाई 2025 को देशभर में ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र कर्मचारी संगठनों द्वारा आहूत एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर धनबाद में भी जोरदार तरीके से देखने को मिला। इस हड़ताल का समर्थन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी किया है, जिससे यह आंदोलन और अधिक संगठित और मजबूत नजर आया।

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धनबाद जिले के सभी एलआईसी शाखाओं में पूर्ण तालाबंदी रही और कर्मचारियों ने अपने संगठन के बैनर तले रणधीर वर्मा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह हड़ताल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण, श्रम कानूनों में बदलाव, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, समान वेतन, और न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 मासिक सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर की जा रही है।

हड़ताल की प्रमुख मांगें और उद्देश्य

हड़ताल का मुख्य उद्देश्य सरकार की श्रमिक-विरोधी नीतियों और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ जन-जागृति पैदा करना है। एलआईसी में 6.5% हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना, बीमा और बैंकिंग सेक्टर में 100% एफडीआई की नीति, और नई श्रम संहिताओं के विरोध में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।

बीमा कर्मचारी संघ के नेतृत्व में हजारीबाग मंडल के अधीन 37 शाखाओं में पूर्ण हड़ताल रही। मंडलीय कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए कर्मचारियों ने नारेबाज़ी करते हुए सरकार से एलआईसी की स्वायत्तता और स्थायित्व को बनाए रखने की मांग की।

नेताओं ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

बीमा कर्मचारी संघ के मंडलीय सचिव अमित कुमार ने कहा कि सरकार बीमा कानून में संशोधन के जरिये बीमा उद्योग को राष्ट्रीयकरण से पहले की स्थिति में वापस ले जाना चाहती है, जिससे सार्वजनिक संपत्तियों को कुछ गिने-चुने कॉर्पोरेट्स के हाथों सौंपा जा सके। वहीं सुबीर कुमार राम ने बताया कि सरकार OFMS के जरिए एलआईसी में 6.5% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है जो बीमाधारकों के हितों के खिलाफ है।

राकेश कुमार ने कहा कि सरकार आज भी मूल समस्याओं जैसे महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जनता का ध्यान हटाकर नफरत फैलाने की राजनीति में लगी है। यह हड़ताल केवल बीमा क्षेत्र की नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक प्रतिरोध की आवाज है जो आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उठी है।

Nationwide Trade Union Strike: सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ता

सभा में बासु बहादुर, शुभम राज, नीशेष सिन्हा, प्रशांत सिन्हा और पंकज कुमार ने भी अपनी बात रखी और देश के तमाम बीमा कर्मचारियों से इस संघर्ष में आगे आने की अपील की।