जेवर में बनेगी देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट
Semiconductor Manufacturing Unit in Jewar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पर हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में देश के तकनीकी आत्मनिर्भरता मिशन को बड़ी मजबूती मिली। बैठक में उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी गई, जो भारत के Semiconductor Self-Reliance Mission की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना पर कुल लागत ₹3706 करोड़ आएगी और यह एचसीएल और फॉक्सकॉन (Foxconn) की साझेदारी में स्थापित की जाएगी।
डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का होगा निर्माण
इस अत्याधुनिक यूनिट में मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पर्सनल कंप्यूटर और अन्य डिजिटल डिवाइसेज में उपयोग की जाने वाली डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स (Display Driver Chips) का निर्माण किया जाएगा। अनुमान है कि यह प्लांट हर महीने लगभग 3.6 करोड़ चिप्स का उत्पादन करने में सक्षम होगा, जिससे भारत की चिप उत्पादन क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा और विदेशी निर्भरता में कमी आएगी।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन को मिल रही गति
सरकार ने जानकारी दी कि यह यूनिट इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) के तहत स्वीकृत की गई है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इस मिशन के तहत अब तक 6 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है और अधिकांश परियोजनाओं पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। मिशन का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करना है।
270 संस्थानों और 70 स्टार्टअप्स को जोड़ा गया प्रशिक्षण मिशन से
सरकार सेमीकंडक्टर तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 270 शैक्षणिक संस्थानों और 70 स्टार्टअप्स को एक विशेष प्रशिक्षण नेटवर्क के माध्यम से जोड़ चुकी है। छात्रों को उन्नत उपकरणों और आधुनिक प्रयोगशालाओं के ज़रिए सेमीकंडक्टर तकनीक की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा की वैश्विक भूमिका सुनिश्चित की जा सके।
तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक जागरूकता भी प्राथमिकता
जेवर में सेमीकंडक्टर यूनिट की मंजूरी ना सिर्फ तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है, बल्कि यह सरकार के विजन इंडिया@2047 के तहत सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में भी एक रणनीतिक पहल है। सरकार न केवल तकनीक में निवेश कर रही है, बल्कि शिक्षा, स्टार्टअप्स और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए एक समावेशी भविष्य की ओर अग्रसर है।
निष्कर्ष
जेवर में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना भारत के टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता मिशन को नई गति देती है। इससे न केवल भारत की चिप निर्माण क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह विदेशी निर्भरता को घटाते हुए वैश्विक बाजार में भारत की सशक्त उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में भी निर्णायक कदम साबित होगा।
