Sindri News: सिंदरी में श्रद्धा से मनाया गया गुरु अर्जन देव जी का बलिदान दिवस

सिंदरी में श्रद्धा से मनाया गया गुरु अर्जन देव जी का बलिदान दिवस

सिंदरी में श्रद्धा से मनाया गया गुरु अर्जन देव जी का बलिदान दिवस

Sindri News: Sacrifice and Teachings of Guru Arjan Dev Ji Revered in Sindri

Sindri News: सहज पाठ और कीर्तन के साथ आरंभ हुआ कार्यक्रम

Sindri News: सिंदरी गुरुद्वारा में गुरु अर्जन देव जी बलिदान दिवस श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सहज पाठ की समाप्ति पर अरदास के साथ हुई। टाटा से आए कीर्तनीय जत्थे ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए संगत को भावविभोर कर दिया। इसके पश्चात अरदास हुई और सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। तत्पश्चात संगत के लिए गुरु का लंगर वितरित किया गया।

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गुरु अर्जन देव जी की तपस्या और बलिदान का हुआ गुणगान

सभा में गुरु अर्जन देव जी की अमर तपस्या, साहस और धर्म की रक्षा हेतु दिए गए उनके बलिदान की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया। वक्ताओं ने बताया कि कैसे गुरु जी ने अपार कष्ट सहकर भी सत्य और मानवता की राह नहीं छोड़ी, जिससे आज भी समाज को प्रेरणा मिलती है।

संगत ने सेवा और श्रद्धा के साथ निभाई भागीदारी

इस कार्यक्रम में सिंदरी गुरुद्वारा के प्रधान जसप्रीत सिंह सहित हरिंदर सिंह, हरपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, संदीप सिंह, अमरजीत सिंह, ग्रंथि बलबीर सिंह, हरदीप सिंह, अगम सिंह, दर्शन सिंह, हरबंश सिंह, जगजीत सिंह, कृपाल सिंह, प्रेम सिंह, कुलबीर सिंह, मोहन सिंह, सतविंदर सिंह और गुरमीत सिंह जैसे अनेक श्रद्धालु सम्मिलित हुए।

महिलाओं की भागीदारी बनी प्रेरणा का स्रोत

महिलाओं ने भी श्रद्धा और सेवा के भाव से कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिंकी कौर, गुरप्रीत कौर, प्रभजोत कौर, मनमीत कौर, सिमरन कौर, निशा कौर, बलजीत कौर, परमजीत कौर, रविंदर कौर, बलविंदर कौर, कमलजीत कौर और सुरिंदर कौर की उपस्थिति और सेवा भावना ने पूरे आयोजन को गरिमा प्रदान की।

‘शरबत का भोग’ और लंगर ने बांटी सेवा की भावना

कार्यक्रम के समापन पर ‘शरबत का भोग’ कराया गया और गुरु का विशेष लंगर – घुगनी (चना) – राहगीरों व संगत में बांटा गया। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया और समाज में प्रेम, सहिष्णुता तथा सेवा के मूल्यों को बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

निष्कर्ष

गुरु अर्जन देव जी बलिदान दिवस सिंदरी में न केवल श्रद्धा का प्रदर्शन था, बल्कि यह कार्यक्रम सेवा, समर्पण और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी था। गुरु जी के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने और समाज में भाईचारा, प्रेम और सहिष्णुता फैलाने का जो संकल्प श्रद्धालुओं ने लिया, वह आने वाले समय में एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में प्रेरणादायी कदम साबित होगा।Tools