Tribute to Sukhdev Singh Dhindsa: सिंदरी फर्टिलाइज़र कॉलोनी बचाने में रहा उल्लेखनीय योगदान
89 वर्ष की आयु में हुआ निधन, सिंदरी के प्रति रहा विशेष लगाव
Sukhdev Singh Dhindsa Passed Away: 28 मई 2025 — भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय उर्वरक मंत्री स्वर्गीय सुखदेव सिंह ढींसा का 89 वर्ष की उम्र में उनके निवास पर निधन हो गया। देश की राजनीति में अपने विशिष्ट योगदान के लिए पहचाने जाने वाले ढींसा जी का सिंदरी से एक गहरा नाता रहा है। सिंदरी फर्टिलाइज़र कॉलोनी के संरक्षण और पुनरुद्धार में उन्होंने विशेष रुचि दिखाई थी और इस दिशा में कई महत्त्वपूर्ण पहल की थी।
सिंदरी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर सहयोग
सुखदेव सिंह ढींसा न केवल एक प्रभावशाली राजनेता थे, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी भी थे, जिनका झुकाव सिंदरी क्षेत्र की समस्याओं की ओर सदैव सकारात्मक रहा। उन्होंने सिंदरी फर्टिलाइज़र कॉलोनी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया और इस मुद्दे को कई बार केंद्र सरकार के समक्ष उठाया। यही कारण है कि वे सिंदरीवासियों के बीच आज भी सम्मान और आदर के पात्र बने हुए हैं।
एफसीआई एम्प्लाइज एसोसिएशन के साथ रही गहरी संवादधारा
ऑल इंडिया एफसीआई वीएसएस एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सेवा सिंह ने कई अवसरों पर स्व. ढींसा जी से मुलाकात की थी। इन बैठकों में उन्होंने सिंदरी की समस्याओं, कर्मचारियों के हितों और पुनरुद्धार योजनाओं पर विचार-विमर्श किया था। ढींसा जी ने हर बार न केवल संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि यथासंभव सहयोग भी दिया।
उनके निधन पर जताया गया शोक
ऑल इंडिया एफसीआई वीएसएस एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने स्वर्गीय सुखदेव सिंह ढींसा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। एसोसिएशन की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया है कि “हम एक सच्चे मार्गदर्शक, जनसेवक और सिंदरी के हितैषी को खो चुके हैं। भगवान से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति दें।”
निष्कर्ष
Political Legacy with Emotional Connect to Sindri
Sukhdev Singh Dhindsa’s Contribution to Sindri उन्हें सिंदरी के हितों के प्रति सदा प्रतिबद्ध एक जननेता के रूप में याद रखा जाएगा। उनका सादा जीवन, दृढ़ संकल्प और सामाजिक सरोकार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। सिंदरी और उससे जुड़े कर्मचारी वर्ग उनके योगदान को हमेशा कृतज्ञता से स्मरण करते रहेंगे।
