World No Tobacco Day 2025: स्वास्थ्य विभाग कर्मियों ने ली तंबाकू छोड़ने की शपथ

स्वास्थ्य विभाग कर्मियों ने ली तंबाकू छोड़ने की शपथ

स्वास्थ्य विभाग कर्मियों ने ली तंबाकू छोड़ने की शपथ

World No Tobacco Day Campaign in Dhanbad | Tobacco-Free Office Awareness

World No Tobacco Day 2025: तंबाकू मुक्त कार्यस्थल की ओर एक मजबूत कदम

World No Tobacco Day 2025: 31 मई 2025 — विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन कार्यालय, धनबाद में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने तंबाकू का सेवन नहीं करने की शपथ ली। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. चंद्र भानु प्रतापन ने स्वयं सभी को शपथ दिलाई और तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की जानकारी भी साझा की।

Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
WhatsApp Channel Join WhatsApp

सिविल सर्जन ने बताया तंबाकू से होने वाले नुकसान

डॉ. प्रतापन ने कहा कि तंबाकू सेवन सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि यह जीवन के लिए घातक है। इससे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़े से जुड़ी बीमारियां और समय से पहले मृत्यु जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों से कार्यालय परिसर को “तंबाकू मुक्त क्षेत्र” बनाए रखने की अपील की।

जिला नोडल पदाधिकारी ने बताया तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का विवरण

इस अवसर पर जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग की नोडल पदाधिकारी डॉ. मंजु दास ने जिले में संचालित तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियानों, स्कूलों-कॉलेजों में सेमिनार, और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तंबाकू की लत को रोका जा सके।

कर्मचारियों ने तंबाकू को हमेशा के लिए कह दिया ‘ना’

कार्यक्रम के अंत में सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों से अवगत कराएंगे। सभी ने यह भी वचन दिया कि वे अपने कार्यस्थल और आस-पास के परिवेश को स्वस्थ और नशामुक्त बनाए रखेंगे।

निष्कर्ष

Tobacco Free Workplace: स्वास्थ्य विभाग की सराहनीय पहल

धनबाद के सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल तंबाकू निषेध का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि यह भी दिखाया कि सरकारी विभाग स्वयं जागरूक रहकर समाज को नशामुक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।