पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर सिंदरी में 1400 माताओं ने की भागीदारी
300वीं जयंती पर नारी शक्ति को समर्पित हुआ मातृ सम्मेलन
Ahilyabai Holkar Jayanti Celebration in Sindri: 15 मई 2025 को सरस्वती विद्या मंदिर, सिंदरी में पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर सिंदरी क्षेत्र की 1400 माताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। दीप प्रज्वलन और मंगल वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसकी अध्यक्षता डाॅ. माया राज नारायण (प्राध्यापक, सिविल, बीआईटी सिंदरी) ने की।
Ahilyabai Holkar Jayanti पर प्रेरक वक्तव्यों की रही छाप
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पूजा (प्रांतीय सह मंत्री, विद्या विकास समिति, झारखंड) ने कहा कि भारत भूमि वीर माताओं की जननी है। ऑपरेशन सिंदूर इसका ज्वलंत उदाहरण है, जिसमें मातृ शक्ति ने अद्भुत साहस और नेतृत्व का प्रदर्शन किया। वहीं रंजना सिंह (बालिका शिक्षा प्रमुख) ने कहा कि समाज की दिशा और दशा का निर्धारण माताएं करती हैं, अतः उन्हें समान अवसर और स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है।
मातृत्व, संस्कृति और शिक्षा की एक भावनात्मक प्रस्तुति
अध्यक्षीय भाषण में डाॅ. माया राज नारायण ने कहा कि माताएं अपने परिवार को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक भी तैयार करती हैं। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, अनुशासन और संस्कार पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में समूह गीत, नृत्य, भजन (गायत्री परिवार की बहनों द्वारा) और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित भावनात्मक नाटक ने सभी को भावविभोर कर दिया।
संगठन और अतिथियों का गरिमामयी योगदान
इस अवसर पर डॉ. पूजा, रंजना सिंह, संजय कुमार (प्रांत कार्यवाह, RSS झारखंड), विवेक नयन पांडेय, शशि भूषण कुमार गुप्ता, महेंद्र यादव, सुनील कुमार पाठक, सुनीता रानी, पंकज तिवारी सहित विद्यालय परिवार और समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मंच संचालन श्रुति कुमारी व खुशबू और धन्यवाद ज्ञापन सुनीता रानी द्वारा किया गया।
निष्कर्ष
Ahilyabai Holkar Jayanti Celebration in Sindri के अवसर पर हुआ यह मातृ सम्मेलन न केवल वीरांगना अहिल्याबाई को श्रद्धांजलि था, बल्कि यह मातृशक्ति को सम्मान, संस्कृति संरक्षण और भावी पीढ़ी के निर्माण में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित करने वाला आयोजन भी बना।
