भारतीय सांसदों का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन दौरे पर, भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को किया स्पष्ट
Anti-Terror Diplomacy India: भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए कूटनीतिक पहल की है। Anti-Terror Diplomacy India के तहत वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में भारतीय संसद का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन की चार दिवसीय यात्रा पर है। इस दौरे का उद्देश्य आतंकवाद पर भारत की सख्त नीति को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखना है।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की वैश्विक रणनीति
यह प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहल के अंतर्गत साझेदार देशों तक यह संदेश देने पहुंचा है कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा। भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया।
लंदन स्थित अंबेडकर संग्रहालय का दौरा, संविधान दिवस और 26/11 का उल्लेख
दौरे के पहले दिन प्रतिनिधिमंडल ने लंदन स्थित अंबेडकर संग्रहालय का दौरा किया और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसदों ने बाबा साहेब की दूरदर्शिता और नेतृत्व को याद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद, विशेषकर 26/11 मुंबई हमलों जैसे जघन्य कृत्य, लोकतंत्र और मानवता के मूल्यों पर हमला हैं।
ब्रिटेन के शीर्ष नेताओं और संस्थाओं से होंगे संवाद
यह प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष लिंडसे होयले, एफसीडीओ मंत्री कैथरीन वेस्ट, दोनों सदनों के सांसदों, मीडिया प्रतिनिधियों, थिंक टैंक और भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्यों से संवाद करेगा। बातचीत का मुख्य विषय रहेगा – आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास और रणनीति।
फ्रांस, इटली और डेनमार्क के बाद ब्रिटेन यात्रा
इससे पहले यह प्रतिनिधिमंडल फ्रांस, इटली और डेनमार्क की सफल यात्रा कर चुका है। अब 31 मई से 3 जून तक ब्रिटेन में यह कूटनीतिक संवाद का हिस्सा बन रहा है। इस प्रयास के माध्यम से भारत आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक सहयोग को मजबूत करना चाहता है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे
इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद, गुलाम अली खटाना, दग्गुबाती पुरंदेश्वरी, समिक भट्टाचार्य, प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी), अमर सिंह (कांग्रेस), एम. थंबीदुरई (AIADMK), पूर्व मंत्री एम. जे. अकबर और पूर्व राजदूत पंकज सरन जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
निष्कर्ष
भारत का यह वैश्विक कूटनीतिक दौरा Anti-Terror Diplomacy India के तहत आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट और सशक्त संदेश है। यह पहल न केवल भारत की सुरक्षा नीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दृढ़ता से प्रस्तुत करती है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए वैश्विक सहयोग का आह्वान भी करती है। प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा आतंकवाद के विरुद्ध भारत की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति को दृढ़ता से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
