Baliyapur News: आमटाल में गंधक बनिक समाज ने श्रद्धा और उत्साह से की मां गंधेश्वरी की पूजा

आमटाल में गंधक बनिक समाज ने श्रद्धा और उत्साह से की मां गंधेश्वरी की पूजा

आमटाल में गंधक बनिक समाज ने श्रद्धा और उत्साह से की मां गंधेश्वरी की पूजा

Baliyapur News: बलियापुर के आमटाल पंचायत में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में उमड़ा बनिक समाज, की गई समाज और गांव की समृद्धि की प्रार्थना

Baliyapur News: आमटाल पंचायत स्थित गंधक बनिक समाज द्वारा आयोजित Maa Ghandeshwari Puja Amtaal 2025 का शुभारंभ 3 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के रूप में पारंपरिक विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह पर्व बनिक समाज का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन माना जाता है, जिसमें समाज के हर वर्ग—बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक—की भागीदारी देखी गई।

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विधिपूर्वक हुआ घट स्थापना, मां गंधेश्वरी से मांगी गई सुख-समृद्धि की कामना

पूजन की शुरुआत परंपरागत रीति से पुरोहित द्वारा चक्रवर्ती तालाब से वारी (घट) लाकर की गई, जिसे मंदिर में स्थापित किया गया। घट स्थापना के साथ ही मां गंधेश्वरी की पूजा का शुभारंभ हुआ। पूजा के दौरान परिवार, गांव और समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थनाएं की गईं, जिससे यह आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बन गया।

बनिक समाज की एकजुटता का बना प्रतीक

पूरे आमटाल पंचायत से बनिक समाज के महिला, पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग पूजा में शामिल हुए। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों और सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। यह पर्व समाज में आपसी मेल-जोल और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने वाला रहा।

प्रमुख लोग रहे शामिल, पूरे गांव में रहा भक्तिमय वातावरण

इस आयोजन में मानिक दे, गौतम चंद्र, मंटू दे, सुनील दत्ता, उज्जवल दे, शीतल दत्ता, गोपीनाथ चंद्र, विष्णु दे, रवि दे, काजल दे, सुरजीत चंद्र, तूफान चंद्र, सजल चंद्र, आकाश चंद्रा, हिमानी देवी, मोना देवी, मिलन चक्रवर्ती, बबलू दे, दीनबंधु चंद्र समेत सैकड़ों बनिक समाज के सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे। इन सभी ने मिलकर पूजा को सफल और यादगार बनाया।

निष्कर्ष

Maa Ghandeshwari Puja Amtaal 2025 न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा बल्कि यह गंधक बनिक समाज की संस्कृति, श्रद्धा और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी बना। इस पूजा ने यह दिखाया कि किस प्रकार परंपराएं आज भी समाज को एक सूत्र में बांधती हैं और लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ती हैं।