Congress Protest in Bihar: सीएम हाउस घेराव की कोशिश नाकाम, सचिन पायलट लौटे, कन्हैया-उदय हिरासत में

सीएम हाउस घेराव की कोशिश नाकाम

सीएम हाउस घेराव की कोशिश नाकाम

Congress Protest in Bihar: कन्हैया कुमार की 26 दिनों की यात्रा के बाद कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस ने वाटर कैनन से भीड़ को किया तितर-बितर

Congress Protest in Bihar: बिहार की राजधानी में शुक्रवार को Congress Protest in Bihar उस समय चर्चा में आ गया जब सीएम हाउस की ओर बढ़ रही कांग्रेसियों की भीड़ को पुलिस ने महज तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कन्हैया कुमार और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जबकि राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट थोड़ी दूर चलकर वापस लौट गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, जिसे नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

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कन्हैया कुमार की 26 दिन की पदयात्रा का निष्कर्ष

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बिहार के युवाओं की बेरोजगारी और पलायन की समस्याओं को उजागर करने के लिए 26 दिनों तक पदयात्रा की थी, जो 10 अप्रैल को समाप्त हुई। इस यात्रा के दौरान उन्हें आम जनता से कई शिकायतें मिलीं, जिन्हें लेकर वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए जा रहे थे। यात्रा के दौरान 7 अप्रैल को राहुल गांधी भी बेगूसराय में शामिल हुए थे।

सीएम हाउस से पहले ही रोक, पुलिस से तीखी बहस

कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास से करीब 3 किलोमीटर पहले पुलिस ने रोक दिया। जब कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें पीछे धकेला। इस दौरान वाटर कैनन चलाकर भीड़ को तितर-बितर किया गया।

सुप्रिया श्रीनेत ने उठाए रोजगार और पलायन के मुद्दे

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि “बिहार में पलायन एक गंभीर समस्या है और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। नीतीश सरकार युवाओं की जरूरतों को लेकर बेपरवाह बनी हुई है। हमारी कोशिश है कि इस सोई हुई सरकार को जगाया जाए, भले ही सरकार सुने या न सुने, पर 8 करोड़ युवाओं ने इस बार बदलाव का मन बना लिया है।”

बदलाव की लहर का संकेत

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और आगामी चुनावों में बिहार में बदलाव की लहर साफ नजर आएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और हक की लड़ाई है।