Dhanbad News: श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सहायक श्रम आयुक्त प्रवीण कुमार ने एक सराहनीय पहल करते हुए आठ कामगारों के 3,54,879 रुपए के बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया।
कामगारों ने की थी शिकायत
एम.आई.जी. हाउसिंग कॉलोनी के दादी पार्क स्थित यंग एक्शन फोर मास (वाई.ए.एम.) इंडिया के आठ श्रमिकों ने कंपनी के सचिव रवि प्रकाश के खिलाफ बकाया मजदूरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर सहायक श्रम आयुक्त ने शिकायतकर्ताओं और नियोजक को कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
वार्ता के दौरान बनी सहमति
सोमवार को हुई बैठक में आठों श्रमिक और कंपनी के प्रबंधक तीर्थराज ठाकुर उपस्थित हुए। वार्ता के दौरान नियोजक द्वारा बकाया मजदूरी के भुगतान में टालमटोल किया जाने लगा। इस पर सहायक श्रम आयुक्त ने मजदूरी भुगतान अधिनियम, 1936 का हवाला देते हुए श्रम न्यायालय में मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। इस सख्ती के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और बकाया मजदूरी का भुगतान किया गया।
कामगारों को चेक से मिला भुगतान
मजदूरी भुगतान अधिनियम, 1936 के तहत नियोजक ने निम्नलिखित कामगारों को चेक के माध्यम से भुगतान किया:
- सलोनी प्रिया: ₹32,018
- सक्षम चंद्रा: ₹44,134
- आशीष अभिषेक: ₹40,961
- गौरव: ₹85,651
- अजय कुमार: ₹59,268
- पूजा रानी महतो: ₹65,575
- प्रशांत रवानी: ₹19,000
- टिकैत कुमार साव: ₹8,308
श्रम विभाग की सक्रियता से मिला न्याय
सहायक श्रम आयुक्त की तत्परता और सख्ती के कारण श्रमिकों को समय पर उनका बकाया वेतन प्राप्त हुआ। यह कार्रवाई श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और नियोजकों को उनके कर्तव्यों का पालन करने की याद दिलाने के लिए एक मिसाल बनी।
