Kamal Haasan on Hindi Language: अभिनेता कमल हसन का बड़ा बयान – “सीखने के लिए जबरदस्ती है क्या?”

अभिनेता कमल हसन का बड़ा बयान – "सीखने के लिए जबरदस्ती है क्या?"

अभिनेता कमल हसन का बड़ा बयान – "सीखने के लिए जबरदस्ती है क्या?"

Actor Kamal Haasan Hindi Remark | हिंदी थोपे जाने पर बोले कमल हसन

Kamal Haasan on Hindi Language: कमल हसन का बयान बना बहस का केंद्र

Kamal Haasan on Hindi Language: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और मक्कल निधि मय्यम पार्टी के संस्थापक कमल हसन (Kamal Haasan) एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने हिंदी भाषा को लेकर एक टिप्पणी दी है जो सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन चुकी है।

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“हिंदी सीखने के लिए कोई जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए” – कमल हसन

एक कार्यक्रम के दौरान कमल हसन से जब हिंदी भाषा के प्रसार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,
“हिंदी एक खूबसूरत भाषा है, लेकिन इसे सीखने के लिए किसी पर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। भाषा प्रेम से सीखी जाती है, ज़बरदस्ती से नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत की विविधता ही इसकी ताकत है, और एक भाषा को थोपना संविधान की भावना के खिलाफ है।

दक्षिण बनाम हिंदी भाषी बहस फिर गर्माई

कमल हसन की यह टिप्पणी उस समय आई है जब देश में “एक राष्ट्र, एक भाषा” की बहस फिर से जोर पकड़ रही है। दक्षिण भारत के कई नेता और संगठन केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाते आए हैं।

पहले भी कर चुके हैं खुलकर विरोध

यह पहली बार नहीं है जब कमल हसन ने हिंदी थोपने के खिलाफ आवाज़ उठाई हो। इससे पहले भी उन्होंने संसद से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे पर अपना रुख साफ किया है। उन्होंने यह भी कहा कि
“हर राज्य की अपनी सांस्कृतिक पहचान होती है और उसे सम्मान मिलना चाहिए।”

निष्कर्ष

Kamal Haasan Hindi Remark ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आत्मसम्मान का विषय भी है। कमल हसन के बयान ने इस बात को रेखांकित किया है कि भारत की विविधता को एकता में बदलने के लिए ज़बरदस्ती नहीं, बल्कि सम्मान और संवाद की आवश्यकता है।

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