एनएचएआई और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही के आरोप, ओवरब्रिज की उठी मांग
लिलोरी स्थान में आस्था के साथ जुड़ी है असुरक्षा की चिंता
Katras News: धनबाद जिले के कतरास स्थित लिलोरी स्थान मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु माँ लिलोरी के दर्शन के लिए दूर-दराज़ से पहुंचते हैं। लेकिन मंदिर तक पहुँचने का रास्ता श्रद्धालुओं के लिए जोखिम भरा बन चुका है क्योंकि कतरास-राजगंज मुख्य मार्ग पर सर्विस रोड की अनुपस्थिति के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
श्रद्धालुओं से भरे वाहन सीधे उतरते हैं एनएच-32 पर
लिलोरी स्थान से लौटने वाले श्रद्धालुओं से भरे वाहन सीधे नेशनल हाईवे 32 (NH-32) पर उतरते हैं, जहां तेज रफ्तार में चल रहे अन्य वाहनों से टक्कर की संभावना बनी रहती है। खासकर गौशाला पुल के पास लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं, जो मंदिर की लोकप्रियता को भी खतरे में डाल रहे हैं।
अमृत पार्क आने वाले लोग भी कर रहे शॉर्टकट का प्रयोग
मंदिर के समीप स्थित नगर निगम का अमृत पार्क भी इस यातायात अव्यवस्था से प्रभावित है। पार्क संचालक अर्जुन महतो ने बताया कि सर्विस रोड के अभाव में लोग शॉर्टकट अपनाकर फाटक के पास से गलत दिशा में वाहन लेकर मंदिर या पार्क की ओर आते हैं, जिससे आमने-सामने की दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
आम जनता और स्थानीय लोग ओवरब्रिज की कर रहे मांग
स्थानीय निवासियों और पार्क संचालक सहित आमजन ने एनएचएआई और सड़क निर्माण कंपनी अशोका बिल्डकॉन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर समय रहते सर्विस रोड या ओवरब्रिज का निर्माण कर दिया जाता, तो श्रद्धालुओं और आम लोगों दोनों को सुविधा मिलती और दुर्घटनाओं में भारी कमी आती। लोगों की मांग है कि मंदिर के समीप एक ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण किया जाए ताकि ट्रैफिक सुगम हो सके और सुरक्षा बनी रहे।
एनएचएआई और ठेकेदार एजेंसी पर सवाल
सड़क निर्माण कार्य अशोका बिल्डकॉन को सौंपा गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी ने आम जनता की जरूरतों की अनदेखी की। सड़क तो बना दी गई, लेकिन आवश्यक सर्विस रोड, पैदल पथ और सुरक्षा उपायों की अनदेखी कर दी गई, जिसका खामियाजा श्रद्धालुओं और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
निष्कर्ष
आस्था की राह को सुरक्षित बनाना समय की जरूरत
लिलोरी स्थान मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर सुरक्षा और सुविधा दोनों का होना अत्यंत आवश्यक है। सर्विस रोड की अनुपस्थिति केवल श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा बन चुकी है। स्थानीय लोगों की ओवरब्रिज और सर्विस रोड की मांग को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
