भारतीय सेना के पराक्रम को सलाम, देशभक्ति गीतों और जयघोष से तिरंगा यात्रा रही गरिमामयी
तिरंगे के साथ निकली शौर्य यात्रा, सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि
Shaurya Sainik Samman Tiranga Yatra: धनबाद में Shaurya Sainik Samman Tiranga Yatra का आयोजन शुक्रवार को कलाकार संघ धनबाद और धनबाद डिस्ट्रिक्ट फोटोग्राफर्स ट्रेड एसोसिएशन (DDPTA) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह यात्रा सिटी सेंटर से रणधीर वर्मा चौक तक निकाली गई जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने देशभक्ति जोश के साथ भाग लिया।
सेना के पराक्रम पर गर्व, कलाकारों ने गाए देशभक्ति गीत
यात्रा में कलाकार संघ के संरक्षक रणविजय सिंह और श्रीराम सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। रणविजय सिंह ने कहा कि हाल ही में पहुलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया, जिससे पूरे विश्व में भारत की ताकत का डंका बजा है। इस शौर्य के सम्मान में यह यात्रा निकाली गई है।
कलाकार संघ के अध्यक्ष राजू सिंह अनुरागी और उनके साथियों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
‘ये नया भारत है’: आतंकियों को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब
उदय प्रताप सिंह ने कहा, “यह नया भारत है। जो भी देश की ओर बुरी नजर डालेगा, उसे सख्त जवाब दिया जाएगा। हमारी सेना का पराक्रम पूरी दुनिया देख रही है। मैं भारत की तीनों सेनाओं को नमन करता हूं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफल संचालन के लिए बधाई देता हूं।”
यात्रा में उत्साह से भरे राजू सिंह ने कहा, “अगर देश की सुरक्षा के लिए माइक छोड़कर AK-47 भी उठाना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे।”
संघ के पदाधिकारी और सैकड़ों नागरिक हुए शामिल
इस आयोजन में कलाकार संघ के सह सचिव कृपांसु कुमार, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र ठाकुर, शाखा प्रभारी जितेंद्र जीतू, मिंटू, मनमोहन, गिरजा किशोर, मुन्ना सिन्हा सहित कलाकार संघ और डीडीपीटीए के सभी सदस्य शामिल हुए। सभी ने सैनिकों के साहस को नमन करते हुए देश के लिए एकजुट रहने का संदेश दिया।
निष्कर्ष
Shaurya Sainik Samman Tiranga Yatra न केवल भारतीय सेना के अदम्य साहस का सम्मान था, बल्कि यह आम जनता द्वारा वीर जवानों के प्रति सम्मान और एकजुटता का भी प्रतीक बन गया। धनबाद में निकली यह तिरंगा यात्रा देशभक्ति, सम्मान और गर्व का सजीव उदाहरण रही।
