
Dhanbad News: धनबाद जिले में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था से आम जनता त्रस्त है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) की लचर व्यवस्था को लेकर अब राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। आज दिनांक 23 मई 2025 को जिला कांग्रेस कमिटी ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर निर्णायक पहल की।
महाप्रबंधक से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
धनबाद जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने JBVNL के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार सिंहा से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में राजेश्वर सिंह यादव, योगेन्द्र सिंह योगी, नवनीत नीरज, दिनेश यादव, मनोज सिंह, मनोज कुमार हाड़ी, पप्पू पासवान, जियाउल हुसैन और सुरज वर्मा शामिल थे।
बिजली संकट पर जताई कड़ी नाराजगी
प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक को अवगत कराया कि जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो पार्टी को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा।
JBVNL ने बताई तकनीकी बाधाएं
महाप्रबंधक श्री सिंहा ने बताया कि जिले में चार ग्रिड का निर्माण प्रगति पर है, लेकिन वन विभाग से NOC न मिलने के कारण कार्य में रुकावट आ रही है। ग्रिड तैयार होते ही JBVNL की DVC पर निर्भरता कम हो जाएगी और जनता को निरंतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
42 नए पावर सब स्टेशन का प्रस्ताव
JBVNL ने सरकार को जिले में 42 नए पावर सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव भेजा है। यह सब स्टेशन उन क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे जहाँ पावर लोड अत्यधिक है, जिससे पावर कट की समस्या में कमी लाई जा सकेगी।
जनहित में आंदोलन की चेतावनी
जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि धनबाद और झरिया में बिजली की दयनीय स्थिति से आम जनमानस में आक्रोश है। यदि विभाग ने जल्द सुधार नहीं किया तो कांग्रेस को मजबूरी में जनहित में आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड में कांग्रेस-झामुमो गठबंधन की सरकार होते हुए भी भाजपा मानसिकता वाले अधिकारी सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।
समापन टिप्पणी
महाप्रबंधक श्री सिंहा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि जनहित सर्वोपरि है और यदि प्रशासन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई तो धनबाद में वृहद आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
निष्कर्ष:
धनबाद की बिजली समस्या पर कांग्रेस ने मजबूती से अपनी भूमिका दर्ज कराई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी आश्वासन कितने समय में जमीनी हकीकत में बदलते हैं। जनहित के इस प्रश्न पर कांग्रेस अब पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रही है।
