Climate Change and Livelihood Conference: पंचायत प्रतिनिधियों ने साझा किए स्थानीय अनुभव

कसमार में आयोजित बैठक में जलवायु परिवर्तन व ग्रामीण आजीविका संकट पर गहन चर्चा

कसमार में आयोजित बैठक में जलवायु परिवर्तन व ग्रामीण आजीविका संकट पर गहन चर्चा

Conference of Panchayats: कसमार में आयोजित बैठक में जलवायु परिवर्तन व ग्रामीण आजीविका संकट पर गहन चर्चा, बोकारो सम्मेलन में भागीदारी का संकल्प

Climate Change and Livelihood Conference: कसमार स्थित पंचायत सचिवालय में मंगलवार को जलवायु परिवर्तन और आजीविका विषय पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता कसमार प्रखंड अध्यक्ष हारू रजवार ने की। बैठक का उद्देश्य था – स्थानीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और उससे जुड़ी आजीविका की चुनौतियों को समझना और उन्हें नीति निर्माताओं तक Conference of Panchayats जैसे मंच के माध्यम से पहुँचाना।

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पंचायत प्रतिनिधियों ने साझा की जमीनी चुनौतियां

बैठक में बेरमो मुखिया संघ के अध्यक्ष चंद्रदेव घासी ने कहा कि कॉन्फ्रेंस ऑफ पंचायत हम जैसे ग्राम प्रतिनिधियों के लिए एक सशक्त मंच है, जहाँ हम सीधे सरकार को अपनी बातें और समाधान पहुँचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय संसाधनों और अनुभवों पर आधारित समाधान ही सबसे प्रभावी होंगे।

जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर ज़ोर

पर्यावरण कार्यकर्ता गुलाब चंद्र ने जलवायु संकट के प्रति आगाह करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को अपनी आजीविका नीति से जोड़ें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन सामूहिक रणनीति और संसाधन केंद्रित समाधान तैयार करने में मददगार होंगे।

बोकारो कॉन्फ्रेंस में अधिकतम भागीदारी का निर्णय

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि कसमार प्रखंड से अधिक से अधिक जनप्रतिनिधि बोकारो में प्रस्तावित ‘कॉन्फ्रेंस ऑफ पंचायत’ में भाग लेंगे। वहां वे अपने क्षेत्र की समस्याएं, अनुभव और समाधान साझा करेंगे ताकि नीतिगत योजनाओं में स्थानीय ज़रूरतों को जगह मिल सके।

बैठक में चंद्रशेखर नायक, सुमित्रा देवी, अमरेश महतो, घनश्याम महतो समेत कई पंचायतों के मुखिया और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एकमत से कहा कि जलवायु परिवर्तन और आजीविका का रिश्ता गहराता जा रहा है, इसलिए सामूहिक प्रयास और संवाद जरूरी हो गया है।