Coal Workers Protest Khudia Colliery: सात सूत्रीय मांगों को लेकर RCMU का जोरदार प्रदर्शन

सात सूत्रीय मांगों को लेकर RCMU का जोरदार प्रदर्शन

सात सूत्रीय मांगों को लेकर RCMU का जोरदार प्रदर्शन

Coal Workers Protest Khudia Colliery: यूनियन नेताओं ने परियोजना पदाधिकारी से की वार्ता, मांगें नहीं मानी गईं तो होगा उग्र आंदोलन

Coal Workers Protest Khudia Colliery: Khudia Colliery के अंतर्गत आज खुदिया कोलियरी गेट पर राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन (RCMU) द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। यूनियन की सात प्रमुख मांगों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूरों और यूनियन कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। धरना स्थल पर जोरदार नारेबाजी की गई और मजदूरों ने अपनी समस्याओं को लेकर एकजुटता दिखाई।

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Coal Workers Protest Khudia Colliery: शशि भूषण तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों की भागीदारी

इस प्रदर्शन का नेतृत्व RCMU ईसीएल रीजनल समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शशि भूषण तिवारी ने किया। उनके साथ मंच पर संयुक्त महामंत्री बैभव सिन्हा विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा वरिष्ठ यूनियन नेताओं में डॉ. संतोष राय, अर्जुन भूइयां, संतोष कुमार (कोलियरी अध्यक्ष), अजय कुमार (सचिव), रामानुज सिंह, सत्येंद्र कुमार, राजन कुमार सहित कई प्रमुख नामों ने भाग लिया। धरना स्थल पर सैकड़ों मजदूरों की भागीदारी ने आंदोलन को प्रभावशाली बना दिया।

Coal Workers Protest Khudia Colliery: मांगों पर सकारात्मक वार्ता, पर यूनियन ने दी चेतावनी

धरना के पश्चात एक प्रतिनिधिमंडल को परियोजना पदाधिकारी द्वारा वार्ता के लिए बुलाया गया। वार्ता सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें परियोजना प्रबंधन ने यूनियन द्वारा उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया। हालांकि, यूनियन नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि अगर एक सप्ताह के भीतर वार्ता के मिनट्स नहीं मिले और मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।

Coal Workers Protest Khudia Colliery: मजदूरों के हितों के लिए RCMU की सख्त चेतावनी

Coal Workers Protest Khudia Colliery के माध्यम से यूनियन ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि मजदूरों के अधिकारों के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। अगर समय रहते मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में और बड़े आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह प्रदर्शन न केवल मजदूरों की एकता का प्रतीक बना, बल्कि यह भी दर्शाया कि संगठित संघर्ष ही अधिकारों की प्राप्ति का सबसे प्रभावी साधन है।

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