Mumbai Attacks: मुंबई हमले के आरोपी से तीसरे दिन भी पूछताछ, वॉयस सैंपल लेने की तैयारी

तहव्वुर राणा की आवाज से जुड़े सबूत जुटाने में जुटी एजेंसी

तहव्वुर राणा की आवाज से जुड़े सबूत जुटाने में जुटी एजेंसी

Mumbai Attacks: तहव्वुर राणा की आवाज से जुड़े सबूत जुटाने में जुटी एजेंसी

Mumbai Attacks: मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) लगातार तीसरे दिन पूछताछ कर रही है। रविवार को एजेंसी की पूछताछ का तीसरा दौर जारी रहेगा, जिसमें वॉयस सैंपल लेने की भी संभावना जताई जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या हमलों के दौरान तहव्वुर राणा ने फोन पर कोई निर्देश दिए थे। वॉयस सैंपल उसी दिशा में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है, लेकिन इसके लिए राणा की सहमति जरूरी होगी। अगर वह मना करता है, तो एजेंसी इसके लिए कोर्ट का रुख कर सकती है।

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Role of Employee B in the Conspiracy: लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले ‘कर्मचारी बी’ से भी होगी आमने-सामने पूछताछ

शनिवार को पूछताछ के दौरान तहव्वुर राणा से जुड़े एक अहम नाम का खुलासा हुआ है—‘कर्मचारी बी’। यह व्यक्ति राणा के निर्देशों पर डेविड हेडली को ऑपरेशन, ट्रांसपोर्ट, ठहरने और ऑफिस से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराता था। हालांकि एजेंसी के अनुसार, उसे आतंकी साजिश की जानकारी नहीं थी। अब NIA तहव्वुर राणा और इस कर्मचारी को आमने-सामने बिठाकर क्रॉस क्वेश्चनिंग करने की योजना बना रही है ताकि तथ्यों की पुष्टि हो सके।

Tahawwur Rana Extradition from US: अमेरिका से लाया गया है भारत, 18 दिन की NIA कस्टडी में

10 अप्रैल को तहव्वुर राणा को अमेरिका से एक विशेष विमान द्वारा भारत लाया गया था। अदालत ने उसे 18 दिन की NIA कस्टडी में भेज दिया है, जहां प्रतिदिन उससे गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसी हर दिन की पूछताछ का विस्तृत रिकॉर्ड डायरी के रूप में तैयार कर रही है, जिसमें राणा के जवाब, हावभाव और पूछताछ के दौरान मिली जानकारियां दर्ज की जा रही हैं।

David Headley Connection: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड से गहरे थे राणा के संबंध

तहव्वुर राणा का नाम 26/11 हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली के बेहद करीबी के तौर पर सामने आ चुका है। हेडली की भारत यात्रा, रहने की व्यवस्था, और ऑपरेशनल सुविधाओं में राणा की अहम भूमिका रही थी। NIA अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि राणा ने सीधे तौर पर हमलों में कोई रणनीतिक या तकनीकी सहयोग तो नहीं किया।