International News: भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं

भारत-बांग्लादेश संबंध

भारत-बांग्लादेश संबंध

International News: बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को पत्र लिखकर आपसी सहयोग और संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के नेता 3-4 अप्रैल को बैंकॉक में होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में पहली बार आमने-सामने मिलेंगे।

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भारत-बांग्लादेश संबंधों की ऐतिहासिक बुनियाद

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में भारत और बांग्लादेश के साझा इतिहास और बलिदान को आपसी संबंधों की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की भावना आज भी दोनों देशों के संबंधों को दिशा देती है और यह सहयोग विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि दोनों देश शांति, स्थिरता और समृद्धि की साझा आकांक्षाओं के तहत आपसी हितों और चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए अपने संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को पत्र लिखकर भारत द्वारा लोकतांत्रिक, स्थिर, समावेशी, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बांग्लादेश के प्रति समर्थन दोहराया।

उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध बहुआयामी हैं और इसमें व्यापार, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, विकास साझेदारी, ऊर्जा, शिक्षा, सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने में लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी रेखांकित किया कि बांग्लादेश भारत का न केवल एक महत्वपूर्ण पड़ोसी है, बल्कि एक्ट ईस्ट नीति और इंडो-पैसिफिक विजन का भी एक अहम केंद्र है।

बिम्सटेक सम्मेलन और संभावित द्विपक्षीय वार्ता

3 और 4 अप्रैल को बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और बांग्लादेश के नेताओं की मुलाकात होगी। बांग्लादेश ने इस दौरान द्विपक्षीय बैठक की मांग की है, हालांकि भारत की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इस बैठक के दौरान व्यापार, सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन भारत और बांग्लादेश के लिए आपसी सहयोग को और आगे ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।