Airbus Forecast 2044: भारत की अगुवाई में 2044 तक दोगुनी होगी वैश्विक विमान संख्या

भारत की अगुवाई में 2044 तक दोगुनी होगी वैश्विक विमान संख्या

भारत की अगुवाई में 2044 तक दोगुनी होगी वैश्विक विमान संख्या

Airbus Forecast 2044: एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भारत बनेगा ग्लोबल ग्रोथ का इंजन

Airbus Forecast 2044: वैश्विक विमानन क्षेत्र में बड़ी क्रांति की उम्मीद जताते हुए एयरबस (Airbus) ने अनुमान लगाया है कि दुनिया की कुल विमान संख्या 2044 तक दोगुनी हो जाएगी, और इस ग्रोथ की सबसे बड़ी भूमिका भारत निभाएगा। Airbus की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, एयर ट्रैफिक की मांग में जबरदस्त उछाल, तेजी से शहरीकरण और बढ़ती मध्यम वर्ग की आबादी इस बदलाव के मुख्य कारक होंगे।

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2044 तक 48,000 से अधिक एयरक्राफ्ट्स की जरूरत

Airbus की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो दशकों में दुनियाभर में करीब 48,000 नए विमानों की जरूरत होगी, जिनमें से लगभग 40,000 एयरक्राफ्ट्स नई डिमांड के तहत शामिल किए जाएंगे, और बाकी मौजूदा बेड़े को बदलने के लिए। इसमें से एक बड़ा हिस्सा भारत और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की ओर से आएगा, जो आने वाले समय में हवाई यात्रा का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।

भारत बनेगा एविएशन ग्रोथ का हब

Airbus का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग के चलते यहां का विमानन बाजार दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ेगा। Air India, IndiGo जैसी कंपनियों के मेगा ऑर्डर, नए एयरपोर्ट्स का निर्माण, और सरकारी स्तर पर एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाली योजनाएं भारत को वैश्विक विमानन मानचित्र पर नई ऊंचाई देने वाली हैं।

एविएशन सेक्टर में रोजगार और निवेश के अवसर

इतनी बड़ी ग्रोथ की संभावना के साथ-साथ एविएशन सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार और निवेश के अवसर भी उत्पन्न होंगे। विमान निर्माण, मेंटेनेंस, ट्रेनिंग, और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की संभावना जताई जा रही है। भारत में विशेष रूप से MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सेक्टर को लेकर भी वैश्विक कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

निष्कर्ष

Airbus Sees Global Aircraft Fleet Doubling by 2044 और इस ग्रोथ की अगुवाई भारत द्वारा किया जाना न केवल भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिहाज से भी एक सुनहरा अवसर है। आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ हवाई यात्राओं का केंद्र बनेगा, बल्कि वैश्विक एयरोस्पेस सेक्टर का रणनीतिक भागीदार भी बनेगा।

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