Asaduddin Owaisi on Vikram Misri: “देशभक्ति पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण”, ओवैसी ने ट्रोल्स को लगाई फटकार
Asaduddin Owaisi on Vikram Misri: AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम की घोषणा के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री को निशाना बना रहे ट्रोल्स पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि विक्रम मिस्री एक ईमानदार और मेहनती राजनयिक हैं, जो देश के लिए निष्ठा से काम कर रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नौकरशाह कार्यपालिका के अंतर्गत कार्य करते हैं, और उन्हें राजनीतिक फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
🧭 ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विक्रम मिस्री सरकार का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। उनके साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भी भारत का पक्ष स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ रखा। इन तीनों ने देश की सुरक्षा नीतियों को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
💬 विपक्ष और पूर्व कूटनीतिज्ञों का समर्थन
कांग्रेस नेता सलमान अनीस सोज़ ने भी मिस्री का समर्थन करते हुए कहा कि वे भारत का गौरव हैं और किसी भी तरह की ट्रोलिंग उनके योगदान को कम नहीं कर सकती। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने NDTV से बातचीत में कहा कि विक्रम मिस्री जैसे अधिकारियों को निशाना बनाना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे देश हैं जो संप्रभुता की रक्षा करते हुए दुनिया से कूटनीतिक संबंधों में विश्वास रखता है।”
😡 “शर्मनाक और दुखद” – पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी
पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी ने मिस्री और उनके परिवार को ट्रोल करने को “शर्मनाक” करार दिया। उन्होंने कहा कि विक्रम मिस्री पेशेवरता का प्रतीक हैं — शांत, संयमित और स्पष्ट वक्ता — लेकिन समाज का एक वर्ग उनकी इस निष्ठा को भी स्वीकार नहीं कर पा रहा है।
🎓 विक्रम मिस्री का प्रोफाइल
दिल्ली के हिंदू कॉलेज और XLRI जमशेदपुर के छात्र रहे विक्रम मिस्री ने विज्ञापन क्षेत्र में कुछ समय कार्य किया, उसके बाद भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल हुए। उन्होंने कई देशों में भारतीय मिशनों में सेवाएं दी हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जुलाई 2024 में वे भारत के विदेश सचिव बने।
🗨️ पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
जब पाकिस्तान ने पहलगाम हमले (जिसमें 26 नागरिक मारे गए) की संयुक्त जांच का प्रस्ताव रखा, तो मिस्री ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि इस्लामाबाद का रिकॉर्ड इस मामले में उज्ज्वल नहीं है। उन्होंने मुंबई हमलों का उल्लेख करते हुए बताया कि पाकिस्तान ने जांच में बार-बार टालमटोल की है। साथ ही, पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय नागरिकों की आलोचना को उछालने पर भी मिस्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना आम बात है, जो पाकिस्तान को अजीब लग सकता है क्योंकि वह ऐसी व्यवस्था से परिचित नहीं है।
✍️ निष्कर्ष
Asaduddin Owaisi on Vikram Misri बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि देश के वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनयिकों को राजनीतिक फैसलों के लिए निशाना बनाना न केवल अनुचित है, बल्कि देश की प्रशासनिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है। विक्रम मिस्री जैसे पेशेवर अधिकारी राष्ट्र की छवि और हितों की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं, और ऐसे समय में उन्हें समर्थन और सम्मान देना ही देशभक्ति की सच्ची पहचान है।
