Illegal Coal Mining in Mahuda: महुदा थाना क्षेत्र के मछयारा में फिर सक्रिय हुआ अवैध कोयला खनन, रेलवे ओवरब्रिज पर मंडरा रहा खतरा

महुदा थाना क्षेत्र के मछयारा में फिर सक्रिय हुआ अवैध कोयला खनन

महुदा थाना क्षेत्र के मछयारा में फिर सक्रिय हुआ अवैध कोयला खनन

Illegal Coal Mining in Mahuda: मछयारा जंगलों में फिर से शुरू हुआ काला कारोबार, रेलवे पुल की नींव को भारी खतरा

Illegal Coal Mining in Mahuda: महुदा थाना क्षेत्र के मछयारा इलाके में एक बार फिर से अवैध कोयला खनन ने सिर उठा लिया है। यह इलाका पहले से ही अवैध खनन गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है, लेकिन हाल ही में जंगलों में फिर से शुरू हुए इस अवैध कारोबार ने न केवल पर्यावरण बल्कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी गंभीर खतरा खड़ा कर दिया है। विशेष रूप से यह गतिविधि धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर स्थित मुचीरायडीह रेलवे ओवरब्रिज की नींव को कमजोर कर सकती है।

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जंगल के भीतर सक्रिय अवैध सुरंगें, सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद भी नहीं रुकी गतिविधि

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, डीएवी पब्लिक स्कूल के पीछे स्थित जंगलों में अवैध कोयला खनन का कार्य फिर से तेज़ी पकड़ चुका है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में पहले सीआईएसएफ और बीसीसीएल की संयुक्त कार्रवाई के तहत अवैध सुरंगों को नष्ट कर दिया गया था, लेकिन अब वही सुरंगें दोबारा खोदी जा रही हैं।

रेलवे ओवरब्रिज के नीचे तक पहुंच सकती हैं सुरंगें, आधारशिला को खतरा

स्थानीय निवासियों ने चेताया है कि ये अवैध सुरंगें रेलवे ओवरब्रिज की नींव तक पहुंच सकती हैं, जिससे पुल की संरचनात्मक स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा है। यदि समय रहते यह गतिविधि नहीं रोकी गई तो पुल को भारी क्षति हो सकती है, जिससे आम जनता की जानमाल को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

गुड्डू और मंजीत पर आरोप, पुलिस और खुफिया एजेंसियों को मिली सूचना

स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी मिली है कि इस अवैध खनन कारोबार को संचालित करने में दो व्यक्ति – गुड्डू और मंजीत – मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस मामले की जानकारी गुप्तचर एजेंसियों और पुलिस प्रशासन को भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

अवैध खनन पर रोक लगाने की आवश्यकता, प्रशासन से मांग

यह रिपोर्ट मछयारा क्षेत्र में पनप रही अवैध कोयला खनन की समस्या और उसके व्यापक प्रभाव को उजागर करती है। यह न सिर्फ पर्यावरणीय असंतुलन को जन्म दे रही है, बल्कि सार्वजनिक अवसंरचना जैसे कि रेलवे ओवरब्रिज को भी सीधा खतरा पहुंचा रही है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि जिला प्रशासन और खुफिया एजेंसियां तुरंत प्रभावी कदम उठाएं और इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाएं।