आध्यात्म:‘पोथी पढ़ पढ़ जग मुआँ पंडित बना न कोय, ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय।’ Editor19/03/202420/04/2024
व्यंग्य | अब टमाटर-मुक्त भारत! (लेखक-राजेंद्र शर्मा) इस बार टमाटर ने भी अपने नखरे दिखा ही दिए। अब तक अक्सर कभी आलू, तो कभी प्याज के नखरे…
सरकार की जिम्मेदारी | झारखंड में सरकारी विश्वविद्यालयों के बीएड-एमएड शिक्षकों की निरंतर सेवा और सरकार की जिम्मेदारी:क्या मिलेगा न्याय? सरकार की जिम्मेदारी | लेखक – प्रो. (डॉ) मो. तनवीर युनूस (शिक्षाविद, झारखण्ड) सरकार की जिम्मेदारी | बिहार से अलग…
खोरठा की पाती | खोरठायं गीत संगीत कर इतिहास टा ढेइर पुरान हइ-खोरठा गीतकार विनय तिवारी खोरठा की पाती | खोरठायं गीत संगीत कर इतिहास टा ढेइर पुरान हइ। इतिहासेक सबले पुरान लोक गीत आर लोक…