आध्यात्म:‘पोथी पढ़ पढ़ जग मुआँ पंडित बना न कोय, ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय।’ Editor19/03/202420/04/2024
लेख | अकेला चना क्या भाड़ फोड सकता है अकेला चना क्या भाड़ फोड सकता है ? यह सवाल हमेशा दिमाग में उठता है जब हम सरकारी सिस्टम की…
गांधी जयंती पर विशेष:सत्य और अहिंसा के प्रति समर्पण ही गांधीवाद है-विजय झा सत्य और अहिंसा का जिसने पूरी दुनिया को संदेश दिया। संदेश सिर्फ वाणी के माध्यम से नहीं, बल्कि अपने कार्यों…
व्यंग्य | अब टमाटर-मुक्त भारत! (लेखक-राजेंद्र शर्मा) इस बार टमाटर ने भी अपने नखरे दिखा ही दिए। अब तक अक्सर कभी आलू, तो कभी प्याज के नखरे…