February 25, 2024

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा की लोक अदालत में महीनों कोर्ट का चक्कर लगाने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है ।इससे लोगों को मानसिक शांति भी मिलती है. इसके साथ ही प्रेम और सौहार्द आपस में फिर से बन जाता है। लोगों मे प्रेम ,शाति ,समृद्धि और समरसता बनी रहे यही इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है!

धनबाद : नालसा के निर्देश पर वर्ष 23 के अंतिम  नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार को धनबाद को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा के चेयरमैन राम शर्मा ने किया ।इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हर लोगों को सामाजीक , आर्थिक एवं सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है ।नेशनल लोक अदालत संविधान के परिकल्पना को पूरी करने के दिशा में एक  कदम है ।  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा की लोक अदालत में महीनों कोर्ट का चक्कर लगाने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है ।इससे लोगों को मानसिक शांति भी मिलती है. इसके साथ ही प्रेम और सौहार्द आपस में फिर से बन जाता है। लोगों मे प्रेम ,शाति ,समृद्धि और समरसता बनी रहे यही इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है!  उन्होंने कहा कि 23 नवम्बर 2013 से पूरे देश में नेशनल लोक अदालत का आयोजन  हर तीन माह मे किया जा रहा है! उन्होंने  कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम आदमी के हित के लिये लगाये जाते हैं। बिना प्रशासनिक सहयोग के हम समाज तक न्याय नहीं पहुंचा सकते।  अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार निताशा बारला ने कहा कि  लोक अदालत के माध्यम से व्यापक पैमाने पर मुकदमों का निष्पादन किया जा रहा है। जिसमें समय की बचत के साथ-साथ वादकारियों को विभिन्न कानूनी पचड़ों से मुक्ति मिल रही है।

मुकदमो के निपटारे के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर 14 बेंच का गठन किया गया था है जिनके द्वारा विभिन्न तरह के सुलहनीय विवादों का निपटारा किया गया । इस बाबत जानकारी देते हुए अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार निताशा बारला  ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में 88 हजार 691 विवादों का निपटारा कर दिया गया  तथा कुल 12 अरब 43 करोड़  रूपए की रिकवरी की गई है । उन्होंने बताया कि नेशनल लोक अदालत में बैंक लोन रिकवरी के  587, अपराधिक मामले 174,बिजली विभाग के 340 लेबर एक्ट के 01,  दांपत्य जीवन से संबंधित 53 वाद एन आई एक्ट के 111,मोटरयान दुर्घटना के 25 , सिविल केस 12 विवादों, सर्विस से संबंधित  विवाद 8 हजार 567, अन्य विभिन्न तरह के  76 हजार 114  विवादों का निपटारा किया गया ।उन्होंने सभी वादकारी, न्यायिक पदाधिकारियों विभाग के अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया ।

न्यायिक पदाधिकारियों में  प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय तौफीकुल हसन, अपर प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट एस एन मिश्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह  , अखिलेश कुमार , लेबर जज प्रेम लता त्रिपाठी , प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी , राजीव त्रिपाठी, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रज्ञेश निगम,  शिवम  चौरसिया, अवर न्यायाधीश एंजेलिना जॉन, एसडीजेएम पूनम कुमारी,  प्रतिमा उरांव स्थाई लोक अदालत के चेयरमैन पियूष कुमार , रजिस्ट्रार अभिनव त्रिपाठी डालसा के पैनल अधिवक्ता, डालसा सहायक  , सौरव सरकार, अरुण कुमार, संजय सिन्हा, संतोष महतो, ओम प्रकाश पासवान, हेमराज चौहान , राजेश कुमार सिंह , पंकज कुमार वर्मा, अबुल कलाम, अजित दास , अरविंद प्रसाद अन्य लोग उपस्थित थे। सचिव श्रीमती बारला ने नेशनल लोक अदालत में सफल आयोजन के लिए सभी वादकारी सिविल कोर्ट कर्मचारी धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं और विभिन्न विभाग के अधिकारियों का आभार प्रकट किया। ।

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