February 22, 2024

बता दें कि शनिवार को कुसुंडा एरिया एपीएम वेद प्रकाश, पीएम अतुल शर्मा, जीकेकेसी पीओ बीके झा, मैनेजर दिलीप कुमार, गोंदुडीह ओपी प्रभारी कुंदन कुमार पुलिस बल के साथ कुसुंडा एरिया सीआइएसएफ की टीम बैद्यनाथ झा व बीसीसीएल की इंटरनल सिक्युरिटी टीम के सत्यनारायण यादव, असिस्टेंट पीएम अभिषेक कुमार बसेरिया चार नंबर गोफ की भराई कराने पहुंचे और धरना पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग पुनर्वास की मांग पूरी हुए बिना धरना से उठने को तैयार नही हुए. कुसुंडा एपीएम वेद प्रकाश व जीकेकेसी प्रबंधन ने धरना पर बैठे लोगों को समझाने के लिए स्थानीय चुनचुन यादव,अजय यादव, बिनोद यादव सहित अन्य लोगों को भेजा.

धनबाद : कुसुंडा क्षेत्र की जीकेकेसी (गोंदुडीह खास कुसुंडा कोलियरी) प्रबंधन व भू-धंसान स्थल के समीप 18-20 प्रभावित परिवारों की शिफ्टिंग की मांग को लेकर धरना पर बैठे प्रेम (भुट्टू) यादव व अन्य लोगों के बीच शनिवार को लिखित समझौते के बाद बसेरिया चार नंबर में हुए गोफ की भराई का कार्य प्रबंधन ने शुरू करा दिया.
बता दें कि शनिवार को कुसुंडा एरिया एपीएम वेद प्रकाश, पीएम अतुल शर्मा, जीकेकेसी पीओ बीके झा, मैनेजर दिलीप कुमार, गोंदुडीह ओपी प्रभारी कुंदन कुमार पुलिस बल के साथ कुसुंडा एरिया सीआइएसएफ की टीम बैद्यनाथ झा व बीसीसीएल की इंटरनल सिक्युरिटी टीम के सत्यनारायण यादव, असिस्टेंट पीएम अभिषेक कुमार बसेरिया चार नंबर गोफ की भराई कराने पहुंचे और धरना पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग पुनर्वास की मांग पूरी हुए बिना धरना से उठने को तैयार नही हुए. कुसुंडा एपीएम वेद प्रकाश व जीकेकेसी प्रबंधन ने धरना पर बैठे लोगों को समझाने के लिए स्थानीय चुनचुन यादव,अजय यादव, बिनोद यादव सहित अन्य लोगों को भेजा.
धरना पर बैठे लोगों को बताया गया कि गोफ से गैस रिसाव तो कम हुआ है, लेकिन गोफ का मुहाना खुला होने से भूमिगत कोयले की आग तेजी से बढ़ रही है. गोफ की भराई अभी नहीं की गयी तो एक बड़े भू-भाग में जमीन बैठ सकती है. इसके बाद असंगठित जिला अध्यक्ष इंटक सुंदर यादव, चुनचुन यादव, प्रेम (भुट्टू) यादव व जीकेकेसी प्रबंधन के बीच लिखित समझौता तैयार हुआ, जिसमें प्रबंधन ज्यादा प्रभावित 18-20 परिवारों को तत्काल खतरनाक जगह से हटा कर राहत शिविर के तौर पर दूसरी कॉलोनी में शिफ्ट कराने व दो से तीन माह के भीतर सभी प्रभावित परिवारों का एक जगह पुनर्वास कराने का आश्वासन दिया. प्रबंधन ने आग पर काबू पाने के लिए साइंटिफिक सर्वे के निर्देशानुसार ट्रेंच कटिंग कराने का भी आश्वासन दिया. इसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से जीकेकेसी प्रबंधन ने भू-धसान स्थल की गोफ की भराई कार्य शुरू कर दिया. वेद प्रकाश, एपीएम, कुसुंडा एरियासुरक्षा की दृष्टिकोण से भू-धसान स्थल की भराई बेहद जरूरी थी, जिसे लोगों के सहयोग से शुरू करा दिया गया है. खतरनाक जगहों पर रह रहे प्रभावित परिवारों को भी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी जारी है.

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