February 23, 2024

बिनोद बाबू ने युवाओं को एक संदेश दिया था कि पढ़ो और लड़ो पढ़ने के साथ-साथ लड़ने की प्रेरणा दी। युवाओं को जागरूक और संघर्षील बनाकर हर आंदोलन को दिशा देने की रास्ता दिखाया। बिनोद बाबू लाल हरा-मैत्री के अगुवा रहे।दोनों झंडों के नेतृत्व में माफिया मुक्ति आंदोलन का नेतृत्व किया।

धनबाद: सोमवार को दिसंबर झारखंड के भीष्म पितामह एवं पुरोधा बिनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि पर आज मार्क्सवादी युवा मोर्चा ने धनबाद रेलवे स्टेशन स्थित उनके आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मायुमो जिला अध्यक्ष पवन महतो ने कहा कि बिनोद बाबू शोषित-पीड़ित के आवाज थे। उन्होंने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में जोरदार संघर्ष किया। उनके चरणबद्ध आंदोलन को देखकर लाखों जानताओं ने सड़क पर उतरकर अलग झारखंड राज्य की नींव रखी। आज राज्य मिला लेकिन सही मायने में झारखंडियों को राज नहीं मिला हैं। बिनोद बाबू ने युवाओं को एक संदेश दिया था कि पढ़ो और लड़ो पढ़ने के साथ-साथ लड़ने की प्रेरणा दी। युवाओं को जागरूक और संघर्षील बनाकर हर आंदोलन को दिशा देने की रास्ता दिखाया। बिनोद बाबू लाल हरा-मैत्री के अगुवा रहे।दोनों झंडों के नेतृत्व में माफिया मुक्ति आंदोलन का नेतृत्व किया। वे अपने सिद्धांतों से कभी भी समझौता नहीं किया। समान विचारधारा वादी लोगों के साथ मिलकर शोषण मुक्ति की लड़ाई को तेज किया। माल्यार्पण कार्यक्रम में मायुमो जिला सचिव राणा चटराज, सृष्टि महतो, दीपक महतो, औरधेन्दु दत्ता, किशोर महतो, शंकर महतो आदि शामिल थे।

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